शब्दवीणा जहानाबाद जिला समिति ने भव्य काव्यगोष्ठी आयोजित की


जहानाबाद: राष्ट्रीय साहित्यिक-सह-सांस्कृतिक संस्था शब्दवीणा की जहानाबाद जिला समिति ने रविवार को रेड क्रॉस भवन, गांधी मैदान, जहानाबाद में भव्य काव्यगोष्ठी का आयोजन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में युवा और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने था। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी श्री संतोष श्रीवास्तव ने की। उद्घाटन समारोह दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पीपीएम स्कूल के निदेशक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डॉ. एस. के. सुनील, श्री संतोष श्रीवास्तव, श्री दीपक कुमार और श्री अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विंग्स फाउण्डेशन स्कूल निदेशक संतोष शर्मा, डॉ० रंगनाथ दिवाकर, साहित्यकार सत्येंद्र पाठक सहित कई गणमान्य भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का प्रारंभ डॉ. दीपक कुमार द्वारा माँ सरस्वती वंदना से किया गया। इसके बाद कवियों ने अपनी स्वरचित कविताओं और गीतों के माध्यम से विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर अभिव्यक्ति दी। डॉ. रवि शंकर शर्मा ने भगवान श्री कृष्ण के स्वरूप का काव्य चित्रण प्रस्तुत किया, जबकि दीपक कुमार ने वियोग श्रृंगार में अपनी कविता का प्रभावी वाचन किया। ललित शंकर ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं का मार्मिक चित्रण किया, और डॉ. नरेंद्र देव ने मगही गीतों के माध्यम से सावन से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक की सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाओं पर ध्यान आकृष्ट कराया। डॉ मानसी ने प्रेम रस की कविताओँ और शिव- पार्वती पर कविताओँ की प्रस्तुति की चितरंजन चैनपुरा ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और देश-द्रोह की छूट पर व्यंग्यात्मक चिंतन कविता के माध्यम से ज़ाहिर किया। राणा वीरेंद्र सिंह ने वीर रस में सैनिक की वीरता और बलिदान को उसकी माँ के संवाद के रूप में प्रस्तुत किया। अनिल फतेहपुरी ने भगवान कृष्ण पर कविता सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संजीत कुमार पाण्डे ने हिंदी और भोजपुरी दोनों में कविताएँ प्रस्तुत कीं, जिसमें राम और सबरी के प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख था। ममता प्रिया ने नारी शक्ति और कन्या भ्रूण हत्या के बढ़ते अत्याचार पर अपनी कविता के माध्यम से जागरूकता फैलाई। रूबी कुमारी ने एक पत्नी के दृष्टिकोण से अपने पति को महंगाई और परिवार की परेशानियों पर भेजे गए पत्र का मार्मिक प्रस्तुतीकरण किया। सुधाकर राजेन्द्र ने श्रम और साधना के महत्व पर कविताएँ सुनाईं। वहीं अरविंद कुमार आजाँस ने बादलों और प्रकृति पर आधारित अपनी मगही रचनाओं के माध्यम से प्रश्नोत्तरी और विचारों की बौछार की। गौतम पराशर ने वीर रस की कविता का पाठ किया। अनंता कुमारी, अरबिंद कुमार आजान्स, शैलेन्द्र कुमार शैल, रीमा कुमारी, शर्मा, राकेश कुमार कश्यप, नंद किशोर सिंह विद्यार्थी, बिश्वजीत कुमार अलबेला, मणि प्रकाश सहित कई कवियों ने कविता का पाठ किया। कवियों की सभी प्रस्तुतियाँ भावपूर्ण और प्रभावशाली थीं, जिससे श्रोताओं का मन भावविभोर हो गया।
शब्दवीणा जहानाबाद जिला समिति के संरक्षक दीपक कुमार ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम हिंदी साहित्य के प्रसार और युवा कवियों को मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण शब्दवीणा के फेसबुक पेज के माध्यम से किया गया, जिससे देशभर के साहित्य प्रेमियों ने इसे देखा और आनंद लिया।