मौर्य लोक कैंपस स्थित नवीनीकृत बिहार इम्पोरियम का उद्घाटन हुआ


**पटना, [4 फरवरी 2025]**
बिहार की समृद्ध हस्तशिल्प एवं खादी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, मौर्य लोक कैंपस स्थित आयडा द्वारा नवीनीकृत **बिहार एम्पोरियम** का आज भव्य उद्घाटन किया गया।
उद्योग सह पर्यटन मंत्री **श्री नीतीश मिश्रा** ने रिबन काटकर एम्पोरियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर **बिहार एम्पोरियम के निदेशक श्री निखिल धनराज निप्पणीकर**, आयडा के पदाधिकारीगण, एम्पोरियम के प्रबंधक, कर्मचारी तथा अनेक ग्राहक उपस्थित रहे।
इस शुभ अवसर पर **श्री नीतीश मिश्रा** ने कहा, *”बिहार की पारंपरिक कला, संस्कृति और कारीगरों की विरासत को संजोने और बढ़ावा देने में बिहार एम्पोरियम की अब तक महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसका नवीनीकरण एम्पोरियम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करेगा और ग्राहकों को एक बेहतर खरीदारी अनुभव प्रदान करेगा।”*हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री **श्रीमती निर्मला सीतारमण** ने **बिहार की पद्मश्री सम्मानित कलाकार दुलारी देवी** द्वारा डिजाइन की गई मधुबनी साड़ी पहनकर **बजट 2025** पेश किया था। इसके बाद विश्वप्रसिद्ध **मधुबनी साड़ी** की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में **बिहार एम्पोरियम** उन ग्राहकों के लिए एक **एकमात्र केंद्र** साबित होगा, जो **मधुबनी कला और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों** की खरीदारी करना चाहते हैं।
**बिहार एम्पोरियम** में राज्य के कुशल कारीगरों द्वारा निर्मित **खादी वस्त्र**, जैसे **साड़ी, सूट-पीस, कॉर्ड-सेट, कुर्ता, कुर्ती**, तथा **हैंडलूम उत्पाद**, घरेलू **साज-सज्जा के उत्पाद**, जैसे **टिकुली, सिक्की आर्ट, मधुबनी पेंटिंग** और अन्य हस्तशिल्प सामग्री उपलब्ध कराई गई हैं। नवीनीकरण के बाद, एम्पोरियम को **उन्नत बुनियादी ढांचा, आधुनिक डिस्प्ले और डिजिटल भुगतान की सुविधाओं** से लैस किया गया है, जिससे ग्राहकों को एक नया और सुविधाजनक खरीदारी अनुभव मिलेगा।
**बिहार एम्पोरियम के निदेशक श्री निखिल धनराज निप्पणीकर** ने कहा, *”हमारा उद्देश्य बिहार के शिल्पकारों और बुनकरों को एक मजबूत मंच प्रदान करना है, जिससे उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।”* **मौर्य लोक कैंपस, पटना** एक मुख्य व्यापारिक केंद्र रहा है, जहां बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के उद्देश्य से आते हैं। ऐसे में, इस क्षेत्र में **बिहार एम्पोरियम** के माध्यम से **स्वदेशी उत्पादों की उपलब्धता** ग्राहकों के लिए खरीदारी को और अधिक सरल और सुविधाजनक बनाएगी। इसका सीधा लाभ ग्राहकों के साथ साथ राज्य के बुनकरों, कारीगरों और कलाकारों को भी मिलेगा।