ऐसा भी होता है


(कहानी)
प्रदीप भास्कर
चाय की टपरी में बेंच पर आमने-सामने बैठे दोनों बातें कर रहे थे, इसके बाद शायद उनको फिर मिलना नहीं था। बातचीत के सिलसिले में जब उसने कहा कि वह उसके स्वार्थी, मतलबी तथा प्रोफेशनल व्यवहार से ऊब चुका है,बिना बताये उसका फोन कभी किसी से कॉन्फ्रेंस कर तो कभी स्पीकर पर देकर सुनाने की वजह से अब वह किसी तरह का सहयोग नहीं कर सकता और न ही आगे किसी तरह का संबंध रखेगा उसने बैग से फोन निकाल कर दोनों के बीच की खाली जगह पर रख दिया।बाप रे इतनी शातिर, बातचीत रिकॉर्ड करना चाहती है,आज की युवा पीढ़ी खास कर स्टूडेंट टेक्नोलॉजी का ऐसा उपयोग करते हैं,जो अखबार वाले पर्दे के पीछे छिपी खबरें उजागर करने के लिए करते हैं। सामने वाला उसकी चाल भांप गया। कुछ देर बाद उसने कहा- फोन हाथ में ले लो, छूट जायेगा।
वह उसे भी ब्लैकमेल करने की साज़िश कर सकती है – ऐसा तो उसने सपने में भी नहीं सोचा था।वह तो उसका सच्चा शुभचिंतक रहा है हरदम,हालांकि वह हरदम मर्यादित ढंग से ही किसी से भी बातचीत करता है, इसलिए उसे इसका कोई डर नहीं था फिर भी उसे अपने आप पर गुस्सा आया वह अब तक किसे सहयोग कर रहा था,उसकी भोली सूरत के पीछे छिपा असली चेहरा अब तक पहचान क्यों नहीं सका!
वह यह क्यों भूल गया कि वह दसवीं में ही बिना शादी के पहली बार शारीरिक संबंध बना चुकी थी और अब तो घाट घाट का पानी पी चुकी है, महानगरों में कोचिंग के बहाने सारी चाल सीख चुकी है। नये नये बकरे फंसा कर हलाल करना और बकरा किसी काम का ना रहे तो लात मारकर निकाल देना आदत है इसकी।
अब तो नया मालदार बकरा भी फंसा चुकी है, मां-बाप ने भी बकरा और उसे दोनों को पूरी छूट दे रखी है। बकरा ने पैसे के बल पर इसे अपना गुलाम ही बना लिया है।उसकी इच्छा के बिना न तो किसी से फोन पर बात कर सकती है,न किसी से मिल सकती है और न कहीं आ-जा सकती है।वह जब यहां से बाहर चला जाता है तभी यह किसी से फोन या वाट्सएप पर जुड़ सकती है या पुराने-नये बकरे फंसाने के लिए कहीं आ जा सकती है।
कम उम्र से ही कैम्पों में आने जाने की वजह से अधिकारियों और लड़कों से शारीरिक संबंध बनाने की कला में माहिर हो चुकी है और जीवन में इसका खूब लाभ उठाती रही है। अब तो पीएचडी कर रही है और सीधी गाय बन खूब लूगा चबा रही।
फिर भी ब्लैकमेल के लिए आज उसकी ही रिकार्डिंग की कोशिश!इसे अपने इमेज की भी चिंता नहीं रही। मतलब निकल जाने के बाद दूध की मक्खी की तरह निकाल कर किसी को फेंकना और किसी को भी ब्लैकमेल की कोशिश के चलते इसने बहुतों को अपना दुश्मन बना लिया है। ये उनके टारगेट पर हरदम रहती है।वह इसे दुश्मनों से बचाने के साथ हर तरह से उसकी बेहतरी में लगा रहा और इसके मतलबी व्यवहार से चिढ़ कर इसे छोड़ना चाहा तो उसकी भी बातचीत की रिकार्डिंग की घिनौनी हरकत! हद हो गई यार!