चैंबर ऑफ कॉमर्स सरकार के साथ हर संभव सहयोग को तत्पर



अभिनंदन समारोह में जदयू महानगर अध्यक्ष राजू वर्णवाल का विश्वास
गया जी।
गयाजी के के.पी. रोड स्थित सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, गया द्वारा रविवार को एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन, विधायक दीपा मांझी, विधायक ज्योति मांझी, पूर्व विधायक अनिल कुमार, जदयू महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रसाद उर्फ राजू बरनवाल तथा केन्द्रीय चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विपेन्द्र अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
चैंबर ऑफ कॉमर्स गया के संरक्षक डॉ. कौशलेंद्र प्रताप ने सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित विधायकों ने एक स्वर में कहा कि चुनाव में मिली जीत का श्रेय सम्मानित मतदाताओं को जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार गया जिले के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी समस्याओं को सदन में उठाकर समाधान किया जाएगा। चुनाव पूर्व किए गए वादों को पूरा करने का भी संकल्प दोहराया गया।
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गया के विकास में व्यापारियों की अहम भूमिका
राजू बरनवाल बोले— विकास यात्रा में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे
समारोह को संबोधित करते हुए जदयू महानगर अध्यक्ष राजू बरनवाल ने कहा कि राज्य सरकार और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“चैंबर ऑफ कॉमर्स भविष्य में भी सरकार के साथ हर संभव सहयोग करता रहेगा, ताकि व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल सके।”
डॉ. कौशलेंद्र प्रताप ने स्वागत भाषण में गया के विकास कार्यों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
समारोह में शिव कैलाश डालमिया, प्रमोद भदानी, अनूप कुमार केडिया, उषा डालमिया, सुरेश अग्रवाल, राघवेंद्र प्रताप, डी.के. जैन, प्रवीण मोर, ओम प्रकाश सेठ, राजेश झुनझुनवाला, महासचिव सुनील कुमार सहित चैंबर के पूर्व अध्यक्ष, पदाधिकारी, सदस्यगण एवं गया शहर के अनेक वरिष्ठ एवं सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।
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✒️ कविता
विकास की राह में जब सब साथ चलें,
सरकार–समाज–व्यापार एक सूत्र में ढलें।
संघर्ष बने संकल्प, सपने हों साकार,
तभी तो आगे बढ़ेगा अपना बिहार।
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🌸 शायरी
हौसलों की उड़ान जब इरादों से मिलती है,
तब तरक्की की राह खुद-ब-खुद निकलती है।
हाथों में हाथ हों, सोच में हो उजास,
तो हर शहर बनता है विकास का इतिहास।
