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प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय निजामुद्दीनपुर, काको रोड में मेन सेंटर में चैतन्य झांकी प्रस्तुत किया गया।


जहानाबाद
सेन्टर कि बडी दीदी मंजू दीदी एवं राजयोगनी शशि दीदी के नेतृत्व में नवरात्री पर माता के देवी स्वरुप की झाकियां प्रस्तुत की गई।
      मुख्य अतिथि  के रूप में  जहानाबाद के  जन सुराज नेता  भ्राता डॉ अभिराम सिंह , काको जेल के सुपरिटेंडेंट भ्राता अजीत जी , एवं पर्यवेक्षण गृह के सुपरिटेंडेंट भ्राता शशि भूषण जी की उपस्थिति रही। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा की आध्यात्मिक ज्ञान हमें अति आवश्यक है और हमारा आदि सनातन देवी देवता धर्म पूरे विश्व में सजीव हो रहा है।
चैतन्य झांकी में भाग लेने वाली कन्याएं पहले से ज्ञान में चलने बाली होती है। माँ दुर्गा की इस भव्य चैतन्य झांकी में बताया गया कि सतयुग में देवी देवता कैसे रहते थे। सतयुग में सोने का महल होता था एक देश एक धर्म एक राज्य और सभी पवित्र आत्माएं रहती थी। भारत एक अखण्ड देश था जहाँ आदि सनातन देवी देवता का धर्म स्थापन था। चार युगों में  सतयुग त्रेता में अपार सुख और शान्ति थी। वहां जो भी  आत्माएं रहती थी वो देवी देवता स्वरुप होते थे। इसलिए किसी में भी विकार नहीं होने के कारण सभी सतोप्रधान थे। शिव बाबा ज्ञान के सागर है वो आदी, मध्य, अंत का ज्ञान देते है। कलयुग में सतयुगी बच्चों को चुनकर ज्ञान और योग सिखाकर देवी देवता स्वरुप  बना रहें है।
माँ दुर्गा के स्वरुप को धारण कर चैतन्य देवी देवता हमें ये संदेश देते है कि मनुष्य को अपने काम, क्रोध, लोभ, मोह और अंहकार जैसे विकारों पर माँ भवानी का रूप धारण कर विजय प्राप्त करना है। बुराइयों पर अच्छाई की जीत का संकल्प लेना है।
कार्यक्रम में बीके मंजू बहन, बीके शशि बहन, बीके प्रियंका बहन, बीके विनीता बहन ,बीके पूजा बहन, बीके गीता बहन ‌, बीके सूरज भाई , बीके सुरेन्द्र भाई , बीके बालकृष्ण भाई , बीके गिरजा माता, बीके गोपाल भाई , बीके दयानंद भाई ,आदि अनेक सेन्टर की बहनें उदघाटन में शामिल हुई। ये चैतन्य झाकियां विजयादशमी तक दिखाई जाएंगी।

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