श्वेता ने नीट में पाई सफलता।

गयाजी, बिहार : गयाजी के बोधगया प्रखण्ड के नावा पंचायत अंतर्गत आने वाला गांव जमड़ी निवासी रामदीप सिंह के बेटे सुबेदार प्रताप कुमार सिंह की बेटी श्वेता ने नीट में तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की है। श्वेता का 2636वां रैंक है। श्वेता की प्रारंभिक पढ़ाई से लेकर 10 तक की पढ़ाई गया के मानव भारती विद्यालय से हुई है। वो बाल्य काल से ही पढ़ने में अच्छी थी। श्वेता के पिताजी प्रताप कुमार सिंह थल सेना में सुबेदार हैं तथा माताजी गृहणी है। श्वेता के चाचाजी अटल कुमार के अनुसार श्वेता जब भी किसी गरीब और लाचार ग्रामीण के बच्चों को बीमार एवं कुपोषण का शिकार होते देखती थी तो वो उसके लिए कुछ करना चाहती थी। सातवीं कक्षा में ही उसने निर्णय ले लिया कि मैं डॉक्टर बनूंगी। नीट की लगातार दो परीक्षाओं को देने के बाद प्राप्तांक को देख कभी उदास नहीं हुई बल्कि हरिवंश राय बच्चन जी के कविता कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती…….. को मन में दोहराते हुए अपनी सफलता की कहानी लिखने के लिए नई ऊर्जा को संचारित कर पुरे उमंग के साथ तैयारी में लग जाती थी। अन्ततः श्वेता को तीसरी बार में नीट का परिणाम जब जारी हुआ तो वो अपनी रैंक को देख कर काफी खुश हुई। अपनी सफलता को अपनी मां से बताने में फुट फुट कर रोने लगी कुछ घंटे बाद जब वो शांत हुई तब वो अच्छे से अपनी रैंक को परिवार के सदस्यों को बताई है। श्वेता अपनी सफलता का राज अपनी माता पिता, दादी दादा, चाचा तथा चाचा अटल कुमार की बेटी हम उम्र अपनी बड़ी बहन रंजना कुमारी को देती हैं। श्वेता कहती हैं कि मेरे गुरुजन के अथक प्रयास तथा डेंटल कॉलेज नालंदा से मेडिकल की पढ़ाई कर रही द्वितीय वर्ष की छात्रा रंजना कुमारी के द्वारा दिलाए गए ढाढस एवं विश्वास का ही ये परिणाम है कि मैने नीट में सफलता प्राप्त की है। जब भी मैं उदास होती तो रंजना दीदी और मेरी मां मुझे संभाल लेती है।श्वेता मेडिकल की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से भी आग्रह किया कि विद्यार्थी कभी भी हार न माने वो लगन के साथ मेहनत करें तो निश्चित ही सफलता उनकी कदमों को चुमेगी।
