दमुआ – खगडी जनसंहार के 38 वी शहादत दिवस पर ,स्मारक स्थल पर फहराया गया झंडा


जहानाबाद
दमुहा खगड़ी जनसंहार की 38 वीं पुण्य तिथि पर शहीदों को याद करते हुए उनके सम्मान में दमूहा एवं खगरीगांव में बने स्मारक स्थल पर झंडा फहराया गया ,तथा उन्हें श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि अर्पित किया गया।
झंडोत्तोलन बंशी दास ने किया।
जबकि उन शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने में भाकपा माले के जिला सचिव रामाधार सिंह जिला कमेटी सदस्य विनोद कुमार भारती माले काकोप्रखंड कमेटी सदस्य सिद्धेश्वर बिंद मिठू विश्वकर्मा ,परिजनों में दशरथ दास, बचू दास ,यदु दास जवाहर दास माले नेता सतीश चौधरी नौशाद आलम बसंत कुमार स्थानीय सरपंच कंचन देवीआदि थे ।
ज्ञातव्य हो कि आज हीके दिन यानी 11 अक्टूबर 1988 को तत्कालीन बिहार की सरकार गरीबों के अपने मुक्ति के लिए उठ रहे आवाज को दवा देने के लिए एक से एक घिनौना कार्य किया। 1988 के उत्तरार्ध में यानी महज 7 माह के अंदर छिट पुट हत्याओं को छोड़ भी दिया जाए तब भी सात सात – जनसंहार रचाया ,जिसमें पांच सामंती गुंडों को संरक्षण देकर तथा दो पुलिस के माध्यम से करवाया।
13 मई 1988 को गोलखपुर, 16 जून 1988 को नोनही नगमा, इसी वर्ष कोरिया चातर,11 अगस्त को दमुआ खगड़ी, 15 नवंबर को पनतीर्थ,27 नवंबर को भादसी तथा इसी वर्ष नरहन जनसंहार रचाया गया। सात सात जनसंहार का गवाह है 1988 का वर्ष ।
तत्कालीन सरकार से जनता पूरी तौर पर ऊब चुकी थी नफरत और आक्रोश की ज्वाला जनता के दिलों में जल रहा था नतीजतन तत्कालीन बिहार सरकार के मुखिया को इतिहास के कूड़ेदान में दफन कर दिया।