डॉ एकता की कलम से—-

*यहां गुजरी हुई कहानी कहां किसी को याद रहती है।*
*ना राजा याद रहता है न रानी याद रहती है ।*
*सदियों से बस हमें मीरा दीवानी याद रहती है।*
*मोहब्बत में वो ताकत थी जो दुनिया में अमर कर दे।*
*बीता एक वह भी अरसा था, जुदाई के बाद भी मोहब्बत जीत जाती थी।*
*जमाना हार जाता था ,गुजर वह भी एक जमाना था ।*
*जहां मीरा दीवानी थी, जाने इस जमाने में क्या हो रहा है।*
*यहां हर सनम बेवफा हो रहा है।*
*यह जमाना अच्छा नहीं रहा,*या यह वक्त बुरा हो गया है।*
*बस मोहब्बत की मिसाल रह गई है।*
*मोहब्बत खो गया है इस जमाने का, हर सनम बेवफा हो गया।*
*यहां नेक बनना मुश्किल हो गया है, यह छलियों का जमाना हो गया है।*
*यहां ना कृष्णा है ,कोई न मीरा की भक्ति है ।*
*ना यहां राम है कोई ना ,सीता सी पत्नी है ।*
*न मीरा का मान यहां ना राधा सा सम्मान यहां*
*यहां मोहब्बत मतलब सी सस्ती है, जाने इस जमाने में क्या हो रहा है।*