स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण–2025 के लिए समर्पित प्रयासों की नई शुरुआत


जहानाबाद
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण–2025 को लेकर जिले में एक मजबूत कार्यनीति के साथ क्रियान्वयन की शुरुआत कर दी गई है। इस क्रम में विकास भवन स्थित सभागार में एक उन्मुखिकरण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता निदेशक सह प्रभारी उप विकास आयुक्त, DRDA डॉ. रोहित कुमार मिश्रा ने की।
इस कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंड समन्वयक, पंचायत सचिव, एवं पंचायत पर्यवेक्षक सम्मिलित हुए। जिला सलाहकार श्री पिंकू कुमार एवं जिला समन्वयक श्री माधवेंद्र कुमार द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के मूल्यांकन पैटर्न, स्कोरिंग प्रणाली, पोर्टल अपडेटिंग, अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रियाओं आदि पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण–2025 के अंतर्गत कुल 1000 अंकों का मूल्यांकन किया जाना है, जिसे चार प्रमुख कंपोनेंट में विभाजित किया गया है:
1. डायरेक्ट ऑब्जरवेशन (540 अंक) – घर, गांव एवं सार्वजनिक स्थलों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण।
2. सर्विस लेवल प्रोग्रेस (240 अंक) – दस्तावेजों का सत्यापन और मानव संसाधनों की उपलब्धता।
3. प्लांट ऑब्जरवेशन (120 अंक) – कचरा प्रबंधन, गोवर्धन प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यशीलता।
4. सिटिजन फीडबैक (100 अंक) – मोबाइल ऐप एवं फील्ड सर्वे के माध्यम से नागरिकों से प्राप्त राय।
इस अवसर पर वक्ताओं ने यह स्पष्ट किया कि मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की परिसंपत्तियों की क्रियाशीलता, जनजागरूकता एवं वार्ड स्तर तक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों एवं पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया कि अधूरी सामुदायिक परिसंपत्तियों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करें तथा वार्ड स्तर पर बैठकों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। जिले को बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए जन भागीदारी, संवेदनशील प्रशासन और जमीनी क्रियान्वयन की त्रिसूत्रीय रणनीति अपनाने की अपील की गई।
जहानाबाद जिला प्रशासन द्वारा यह संकल्प लिया गया कि स्वच्छ भारत मिशन को केवल अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनाकर जिले को स्वच्छता के मानचित्र पर एक गौरवपूर्ण स्थान दिलाया जाएगा।