आईसीडीएस एवं महिला विकास निगम की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न — योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिये गये निर्देश



जहानाबाद
जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में “आईसीडीएस तथा महिला विकास निगम” से संबंधित कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस), सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला विकास निगम एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान एफ.आर.सी. (फूड रेशन कार्ड) पोर्टल पर लाभार्थियों के आधार नम्बर एवं फोटो मिलान की स्थिति की प्रखंडवार गहन समीक्षा की गई। जिन प्रखंडों में लाभार्थियों की जानकारी का आधार से मिलान नहीं हो सका, वहाँ संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं के विरुद्ध दायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिये गये। कुछ पर्यवेक्षिकाओं द्वारा बताया गया कि आधार नंबर सही होने के बावजूद पोर्टल पर फोटो मिलान नहीं हो पाने से इंट्री नहीं हो पा रही है। जिला पदाधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसे लाभार्थियों को संबंधित प्रखंड के आधार केंद्र पर ले जाकर डाटा का यथाशीघ्र सुधार कराया जाए।
समीक्षा के क्रम में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र में कार्यरत महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं आंगनवाड़ी सेविकाओं के साथ बैठक आयोजित कर कार्यों की स्थिति की समीक्षा करें तथा उसका विवरण (प्रोसिडिंग) कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं प्रतिदिन कम-से-कम एक आंगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण करें तथा सेविका/सहायिका के साथ बैठक कर कार्यों की स्थिति की समीक्षा करें। निरीक्षण के दौरान यादृच्छिक रूप से पाँच लाभार्थियों की भौतिक जांच करना भी अनिवार्य किया गया है।
बैठक में आंगनवाड़ी केन्द्रों की मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर रोशनी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सिलिंग फैन लगाए जाने के निर्देश दिये गये।
पेयजल व्यवस्था के संदर्भ में जानकारी दी गई कि 1278 केन्द्रों में से 1255 केन्द्रों पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध है, जबकि शेष केन्द्रों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। वहीं, शेष केन्द्रों पर भी शीघ्र नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये गये।
शौचालय की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 1239 केन्द्रों पर शौचालय उपलब्ध हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर मरम्मति की आवश्यकता है। इन केन्द्रों की सूची उपलब्ध कराते हुए शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि जिले के 22396 लाभार्थियों में से 21172 का होम विजिट किया गया है। शेष लाभार्थियों तक पहुंच नहीं बन पाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं को प्रतिदिन पाँच आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, अन्नप्राशन एवं गोदभराई जैसे आयोजनों में भाग लेते हुए उनका फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण करने एवं डाटा कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।