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सशक्त ग्राम कचहरी बदल सकती है गांव की सूरत – वी के सिंह।



*केस-मुकदमा मुक्त परिवेश ही है समृद्धि का रास्ता।*
जहानाबाद
भारत गाँवों का देश है। खुशहाल और समृद्ध गांव देश को शक्तिशाली राष्ट्र बना सकता है। इसके लिए जरुरी है कि वाद-विवाद और केस-मुक़दमा में लगने वाला वक्त और पैसा अपने परिवार और अपने कैरियर पर खर्च हो। ग्राम कचहरी की धारणा इसी पर आधारित है। *उक्त बातें 1987 बैच के वरिष्ठ आईपीएस और महापरिवर्तन आंदोलन के प्रणेता वी के सिंह* जिला अतिथि गृह में जिले के सभी पंच और सरपंच के बीच बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम कचहरी पूरी शक्ति और ईमानदारी से अपने दायित्वों को पूरा करने में लग जाए तो बिहार और देश एक वर्ष में विकसित हो जाए! मौजूद कई पंच-सरपंच ने बताया कि उन्हें इस बात का डर रहता है कि उन्ही के साथ मारपीट न हो जाए अथवा उन्हीं पर केस-मुकदमा न हो जाए। वी के सिंह ने सभी पंच-सरपंच को बताया कि इस सम्बन्ध में जिले के पुलिस अधीक्षक एवं राज्य के पुलिस महानिदेशक से इस बात का आग्रह करेंगे कि सभी पंचो की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। गौरतलब है कि दो-दो बार राष्ट्रपति पदक से पुरस्कृत श्री सिंह बिहार के बारह जिलों में महापरिवर्तन आंदोलन चला रहे हैं। महापरिवर्तन आंदोलन एक गैर-राजनीतिक और सामाजिक चेतना को जगाने का एक प्रयास है। जिसके माध्यम से ये प्रयास किया जा रहा है कि लोग गंदगी, लड़ाई-झगड़ा और भ्रष्टाचार को अपने वातावरण से पूरी तरह निकाल फेंके। सम्राट अशोक और चन्द्रगुप्त के समय ‘बिहार’ देश-दुनिया का सिरमौर होता था। आज ये स्थिति है कि बिहार की गिनती देश के सबसे पिछड़ा, सबसे अशिक्षित और सबसे भ्रष्ट राज्य में की जाती है। इस स्थिति से उबरने के लिए सभी बिहारियों को एकजुटता से अपनी सहभागिता निभानी पड़ेगी। तभी बिहार एक बार पुनः देश का गौरवशाली राज्य बन सकता है।

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