समर्थ भारत पर्व समारोह का राम कृष्ण परमहंस विद्यालय में आयोजन

जहानाबाद
2025 को आधुनिक भारत के युवा हृदय सम्राट स्वामी विवेकानंद की163 वी जयंती सह समर्थ भारत पर्व समारोह का आयोजन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा-जहानाबाद एवम् रामकृष्ण परमहंस विद्यालय, जहानाबाद के संयुक्त तत्वावधान मे विद्यालय सभागार में काफी हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात समाजसेवी व शिक्षाविद राजकिशोर शर्मा जी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओंकार, शांति मंत्र एवम् दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात भारत माता एवम् पूज्य स्वामीजी के चित्र पर उपस्थित महानुभावों के द्वारा पुष्प अर्पित किया गया। इस कार्यक्रम मे विवेकानंद केंद्र के बिहार-झारखंड प्रांत प्रमुख सुधीर कुमार अंबष्ट, गया के वरिष्ठ कार्यकर्ता अभय नारायण, रामकृष्ण परमहंस विद्यालय के निदेशक भोला शर्मा, एस.एन.सिंहा कॉलेज के सेवानिवृत प्राध्यापक डॉ. उमाशंकर सिंह सुमन, जदयू के महिला मोर्चा के प्रदेश सचिव सुनीता कुमारी, इतिहास लेखक सत्येंद्र पाठक, कांग्रेस नेता अशोक प्रियदर्शी, ग़ज़लकार सागर आनंद, कवि राणा वीरेंद्र सिंह, कवि चितरंजन चैनपुरा, केंद्र शाखा जहानाबाद के सक्रिय सदस्य डॉ. शंभु कुमार, डॉ. अनिल कुमार, राकेश कुमार, अरुण कुमार तथा शहर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों तथा विद्यालय के शिक्षकों एवम् छात्रों ने भाग लिया। उक्त अवसर पर राकेश कुमार के द्वारा देशभक्ति गीत एवम् डॉ. अनिल कुमार के द्वारा स्वरचित विवेकानंद वंदना व विषय प्रवेश करवाया गया। मंचासीन सभी महानुभावों ने स्वामीजी के व्यक्तित्व एवम् कृतित्व पर गहन प्रकाश डाला गया और भारत के उत्थान में उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। सभी वक्ताओं का निष्कर्ष यह रहा कि आपसी सद्भाव एवम् नैतिक सहयोग से ही स्वामीजी के सपनों को साकार करते हुए भारत को पुनः विश्वगुरु के पद पर सुशोभित किया जा सकता है। अपने अध्यक्षीय भाषण में राजकिशोर शर्मा जी ने स्पस्ट किया कि भारत का समग्र उत्थान ही स्वामीजी की एकमात्र चिंता थी तथा इसे वह धर्म-संप्रदाय के आपसी कलह से उपर उठकर आपसी सामंजस्य के द्वारा कर्यांवित करने के लिए सतत प्रयत्नशील रहे। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गीत एवम शांति पाठ से किया गया। मंच संचालन शिक्षक अरुण कुमार ने किया।

