दिव्य, अद्वितीय, अद्भुत, अविस्मरणीय भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ सुमंगलम।


सामूहिक सुन्दर काण्ड पाठ में शामिल हुए पाँच हजार से अधिक श्रद्धालु।
जहानाबाद।
महिला पुरुषों की टोली तेज कदमों से बढ़ती चली जा रही थी, कोई गाँव से तो कोई शहर के मोहल्लों से आ रहा था लेकिन सभी की मंजिल गांधी मैदान ही था।
प्रवेश द्वार पर सबको रामायण मंदिर जाकर पिछले 6 वर्षों से अनवरत चल रहे अखण्ड यज्ञ एवं अखण्ड ज्योति के दर्शन के लिए और संकल्प के लिए अक्षत पुष्प लेने के लिए कहा जा रहा था।
अखण्ड ज्योति का दर्शन कर, हाथ में अक्षत-पुष्प और सुन्दर काण्ड पुस्तक लेकर भक्त लोग गाँधी मैदान में आकर अपने अपने आसन पर बैठ रहे थे। उनमें एक अजब उत्साह दिख रहा था, एक श्रद्धा का वातावरण, एक भक्तिमय वातावरण जैसे स्वर्ग उत्तर आया हो गाँधीमैदान में।
मंच को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया था, उस पर कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
करीब करीब 10:00 बजे लुधियाना से आए पंडित विजय कुमार जी महाराज ने गणेश वंदना शुरू किया और बजरंगबली के जयकारे लगाए तो सामने मैदान में हजारों श्रद्धालु हाथ उठाकर उनके पीछे बोल पड़े और उनके साथ भजन की रसधारा में गोते लगाने लगे। श्री नरोत्तम पाठक जी ने भक्तों को हाथ में अक्षत और पुष्प रखवा कर संकल्प दिलवाया।
ड्रोन कैमरा सबकी तस्वीरें कैद करने में लगा हुआ था।
ऐतिहासिक गाँधीमैदान में आयोजित सुमंगलम में हजारों लोगों ने एक साथ सामूहिक सुन्दर काण्ड पाठ किया।
सुमंगलम के आयोजक श्री राकेश जी ने हुलासगँज स्थान के प्रमुख स्वामी हरेरामाचार्य जी महाराज एवं अन्य मंचासिन अतिथियों का स्वागत किया।
भक्तजनों को आशीर्वचन देते हुए स्वामी हरेरामाचार्य जी ने कहा कि यहाँ अनवरत चल रहा अखण्ड अनुष्ठान मेरे चित्त को हमेशा अपनी ओर खींचते रहता है।
अखण्ड रामायण पाठ एवं अखण्ड नाम संकीर्तन यहाँ अनवरत चल रहा है इसके लिए पूरा जहानाबाद धन्यवाद का पात्र है।
उन्होंने कहा कि मेरा पूरे भारतवर्ष में घूमना हुआ है लेकिन ऐसा अखण्ड अनुष्ठान अन्यत्र कहीं नहीं है।
स्वामी हरेरामाचार्य जी महाराज ने सुमंगलम परिवार व सभी कार्यकर्ताओं को ऐसे सुन्दर आयोजन के लिये धन्यवाद एवं स्नेहपूर्ण आशीर्वाद दिए।
तत्पश्चात लुधियाना से आए प्रसिद्ध कथावाचक पंडित विजय कुमार जी के साथ उपस्थित भक्तजनों ने सामूहिक सुंदर काण्ड का पाठ किया।
सुमंगलम में स्थानीय गाँधीमैदान के स्वयंसेवकों एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने उत्कृष्ट योगदान दिया।