धूमधाम से मनाई गई श्री चित्रगुप्त पूजा, मंदिर परिसर में संध्या महाआरती आयोजित


जिलेभर के कायस्थ समाज के लोगों ने किया श्री चित्रगुप्त महाराज की पूजा-अर्चना*।
जहानाबाद
यमद्वितीया श्री चित्रगुप्त पूजा कई स्थानों पर बड़े धूमधाम से मनाई गई। कायस्थ समाज के लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलम, दवात, का पूजन किया । वहीं जहानाबाद संगम घाट ठाकुरवाड़ी स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर परिसर में कायस्थ समाज ने भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज की पूजा-अर्चना की व मनोवांछित फल की कामना किया ! पौराणिक आख्यानों के अनुसार सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्माजी चिंतातुर हो गए, चिंता का कारण था, सकल सृष्टि की देखरेख एवं लेखा-जोखा रखना, कोई उपाय न सूझने पर ब्रह्माजी १० हजार वर्ष की अखंड समाधि में लीन हो गए। इसके बाद उनकी काया से एक तेजस्वी बालक का जन्म हुआ, जिनका नाम ब्रह्माजी ने कायस्थ रखा और कहा कि समस्त जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखना ही तुम्हारा दायित्व है। युवावस्था में उनका विवाह इरावती एवं शोभावती नामक कन्याओं से हुआ,उन दोनों कन्याओं से बारह पुत्र उत्पन्न हुए।
पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण गया । इस अवसर पर उपस्थित संघ के संरक्षकगण उमा प्रसाद, संघ के अध्यक्ष शशिकांत, उपाध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव,महासचिव रमेश कुमार सिन्हा कोषाध्यक्ष रमेश प्रसाद , सचिव अंजनी कुमार,प्रधान संपादक अनिल कुमार सिन्हा, अशोक सिन्हा , सुबोध अंबर ,सूर्यभूषण प्रसाद ,रामबिंदु सिन्हा,बिंदुभूषण सिन्हा, दिलीप सिन्हा, संजय श्रीवास्तव, राकेश रौशन, किशन रंजन, रितेश सिन्हा, सुनील सिन्हा, मुकेश सिन्हा, ऋषि राज, देवांशु सिन्हा, अनूप, मनीष, निशांत सिन्हा, गप्पू सिन्हा, पंकज सिन्हा, ओमप्रकाश सिन्हा,प्रकाश सिन्हा सहित कई चित्रांश उपस्थित थे !