नई शिक्षा नीति समसामयिक एवं प्रासंगिक छात्रों के अन्दर आधुनिकता रूपी अस्त्र के साथ परम्परा को भी आत्मसात करना होगा- अभिषेक आनन्द*


आज मानस विद्यालय बभना के सभागार में सत्रारंभ के अवसर पर मानस ग्रुप के शिक्षकों के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। विषय था ” AI और Chat GPT के युग में शिक्षकों की भूमिका”। आज बदलते परिवेश में जरूरत है हम शिक्षकों को उसके अनुरूप ढालने की। छात्रों के अन्दर आधुनिकता के साथ मन के स्तर पर भी काम करना होगा। ए आई और उसके द्वरा दिए गए कंटेंट की नैतिकता का प्रश्न और उसके साथ शिक्षण की चुनौतियाँ भी हैं। उक्त बातें संस्था के निदेशक अभिषेक आनन्द सम्बोधित करते हुए शिक्षकों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि छात्र अब सोचने की क्षमता से ही दूर होते जा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में हम शिक्षकों की जिम्मेवारी और बढ गई है। प्रेरित करने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि इस सत्र से अँग्रेजी पखवारा के अन्तर्गत सारे छात्र केवल अँग्रेजी में बात करेंगे। हिन्दी हमारी आत्मा है, तो अँग्रेजी दैनन्दिनी की रफतार के साथ आधुनिक बनाना हम शिक्षकों का काम होना चाहिए। तत्पश्चात निदेशक एवं प्राचार्य ने पूरे सत्र की रणनीति के साथ सिलेबस एवं अन्य आवश्यक सामग्री शिक्षकों को प्रदान की। चेयरमैन डॉ0 नवल किशोर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज गूगल के जमाने में हम सबों को काफी मुस्तैद रहना होगा। आधुनिकता के साथ पुराने को सहेजना भी जरूरी है। चैट जीपीटी ही सब सोच लेगा, तो हमारे विद्यार्थी क्या करेंगे ? नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समस्याओं के निराकरण में शत-प्रतिशत व्यवहारिक है। जरूरत है सही दिशा प्रदान करने की। छात्रों को समाजिकता से भी रूबरू करवाना होगा। पहले संयुक्त परिवार में निस्वार्थ कार्य होते थे, आज एकल परिवार निजस्वार्थ रखते हैं। आज सभी इकट्ठा करने के लिए जी रहे हैं, पहले लोग इकट्ठा रहने के लिए जीते थे। सम्बन्ध एवं रिश्ते खामोश हैं। इन सब का कारण हम ही हैं। मोबाईल की लत, बेवजह के स्टेटस, आरामदायक शैली, आगे बढने की होड, नीचा दिखाना इत्यादि। इसके लिए भी छात्रों पर काम करना होगा। प्राचार्य नीरज कुमार ने पूरे सत्र के पाठ्यक्रम की रूपरेखा रखी। शिक्षकों ने भी नये सत्र के निखार हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया। शिक्षक राजीव नयन, शेखर कुमार, नवीन दीक्षित, लवकुश कुमार, शिव कुमार, शशांक रंजन, श्रीराम शर्मा, शुष्मा कुमारी, मनीषा कुमारी इत्यादि ने भी सहभागिता प्रदान की।
