लोक अदालत का मंच सुलभ सम्मान के साथ समाधान की ओर जाती है।

आगामी 8 मार्च 2024 को आयोजित वाले वर्ष के प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर जिला जज ब्रजेश कुमार ने गंभीरता के साथ लिया है और सभी न्यायिक पदाधिकारी, कर्मचारी, पारा विधिक स्वयंसेवक से कहा है कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन एक कार्यक्रम नहीं है इससे कई निर्धन परिवारों को न्याय से वंचित वर्गों को सुलभ के साथ सम्मान, सम्मान के साथ समाधान तक ले जाती है एक ही छत के नीचे एक ही बार में बिना किसी अर्चन के और बिना किसी खर्च के समाधान करती है।हमारा प्राधिकार का भी यही संकल्प है न्यायालय की पहुंच हर सुदूर इलाकों से लेकर वंचित स्थान तक पहुंचे और उसका लाभ सभी को मिले। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने प्रत्येक दिन न्यायिक पदाधिकारी, अधिकार मित्र के सहयोग से निपटाए जा रहे प्रि सिटिंग के माध्यम से मामलों मे और तेजी लाने को कहा। अधिकार मित्र की भूमिका राष्ट्रीय लोक अदालत में एक सामाजिक कार्यकर्ता के साथ सजग प्रहरी और सच्चे मित्र के रूप में होती है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के कार्यों से लोगों पर व्यापक प्रभाव समझाने बुझाने से लेकर न्यायालय तक लाने में हम होती है। इसका उपयोग सुल्हनिया लंबित मामलों के निपटारे के लिए न्यायिक पदाधिकारीगण अधिकार मित्र का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कौशल कुमार शुक्ला ने कहा कि आज अधिकार मित्रों के सहयोग से काफी संख्या में मामलों के निष्पादन करने में सहयोग मिल रही है आज भी मेरे न्यायालय द्वारा अधिकार मित्र शशि भूषण कुमार सिंहा के सहयोग से शकूराबाद थाना अंतर्गत लंबित 2 आपराधिक मामलों परस्पर एक दूसरे के पलटा बाद के पक्षकार को समझा बूझाकर न्यायालय तक लाया गया मामला दिनांक 13.4.2024 को घटित घटना जो ग्राम मुरहरा अंतर्गत क्षेत्र में रविंद्र दास एवं सुदामा दास के बीच आपसी मारपीट के मामले से संबंधित है। अधिकार मित्र शशि भूषण कुमार सिन्हा ने दोनों पक्षकार को न्यायालय तक लाने मैं सफल हुए और विधि तरीके से दोनों पक्षकारों के मामलों का सम्मान के सुलभ रूप से समाधान किया गया। अब तक केवल मेरे न्यायालय से कुल 31 मामलों का निपटारा प्रि सिटिंग के माध्यम से की जा चुकी है। सुलभ न्याय के लिए आम जनों को लोक अदालत का मार्ग के माध्यम से मामला निपटारा करना चाहिए।
