अनुग्रह नारायण स्मारक महाविद्यालय के गणित विभाग द्वारा वैदिक गणित की उपयोगिता “विषय पर संगोष्टी का आयोजन किया गया


जहानाबाद
वैदिक गणित का इतिहास और उपयोगिता पर प्राचार्य डॉ० ओम प्रकाश सिंह ने चर्चा करते हुए कहा कि वैदिक गणित भारतीय गणन कला का प्राचीनतम शास्त्र है। भारत के जगतगुरु श्री भारती कृष्णतीर्थ ने फिर से कई सूत्रों को खोजा और वर्तमान गणित को सरल, सहज और प्रभावी बनाया 16 सूत्रों और 13 उपसूत्रों को अपनी पुस्तक “वैदिक गणित’ में दर्शाया गया है।
गणित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० रामजी प्रसाद शर्मा ने वैदिक गणित की उपयोगिता’ की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया कि यह ऐसा प्रणाली है जो गणित को ग्रह, नक्षत्र तथा पुरे समिष्ट के खगोलीय गणना में सहायक है। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक प्रो० अजय कुमार सिंह ने वैदिक गणित के सूत्रों के आधार पर कुछ गणनायें प्रदर्शित किया। उन्होंने कई सूत्रों के आधार पर गणित सरलता सहजता तथा रोचकता को प्रस्तुत किया इन्होंने वर्ग, तथा गुणनफल का संक्षिप्त प्रस्तुति वैदिक सूत्रों के आधार पर समझाया। छात्रों ने बड़ी रोचकता से इन प्रणालियों को समझा।
इस संगोष्टी में मंच संचालन डॉ० रामभवन शर्मा ने की। इस अवसर पर सैकड़ों छात्र और शिक्षक मौजूद थे।
शिक्षक में प्रो० अरविंद कुमार सिंह, मिथलेश कुमार सिंह, डॉ रंगनाथ द्विवेदी, शिक्षक प्रतिनिधि प्रो० शिवशंकर सिंह डॉ जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ अखिलेश पांडे डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ रिंकू सिंह, डॉ० फातिमा नाज, डॉ उर्मिला कुमारी, डॉ शिव कुमार सिंह प्रो० नरेंद्र कुमार सहित कई छात्र एवं शिक्षक मौजूद थे।