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शिक्षक मशकूर आलम के  सेवानिवृत के  उपरांत स्कूल परिवार ने किया विदाई समारोह का आयोजन


मखदुमपुर (जहानाबाद) प्रखंड के मलाठी पंचायत के उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय मलाठी में शिक्षक मो मशकूर आलम के सेवानिवृत होने पर विद्यालय परिवार की ओर से उनके सम्मान में सम्मान-सह- विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र कुमार उपस्थित हुए जबकि मंच का संचालन प्रधान अध्यापक जितेंद्र सिंह ने किया, सम्मान-सह विदाई समारोह के मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं तथा बच्चों की आंखें नम हो गए। जानकारी देते हुए मोहम्मद जावेद अशरफ उर्फ तमन्ना ने बताया कि श्री आलम 1994 में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा सफल होकर शिक्षक बने और 3 दिसंबर 1994 को तत्कालीन उर्दू प्राथमिक विद्यालय मलाठी में योगदान दिया था। तब से अपने बेहतर शिक्षक होने का वे परिचय देते रहें साथ ही शांत स्वभाव एवं कुशल व्यवहार का भी उन्होंने परिचय दिया है। मौके पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र कुमार ने कहा के सम्मान-सह-विदाई समारोह उन्हीं का मनाया जाता है जो अपने सहकर्मियों से कुशल व्यवहार एवं अपने कार्य के प्रति वफादार रहते हैं। उन्होंने कहा कि विदाई समारोह में मौजूद अभिभावकों शिक्षकों एवं छात्रों के भाव से यह स्पष्ट है की श्री आलम एक बेहतर शिक्षक के साथ-साथ व्यवहार के धनी व्यक्ति हैं। जिनके सम्मान में यह सम्मान-सह-विदाई समारोह आयोजित किया गया है। मौके पर मलाठी पंचायत के स्थानीय मुखिया धीरज कुमार ने भी कहा के श्री आलम स्कूल के प्रति बेहद वफादार एवं सक्रिय रहे हैं। अक्सर वे विद्यालय के उत्थान के लिए मुखिया के पास आकर स्कूल की समस्याएं रखा करते हैं। मौके पर मोहम्मद अरशद हुसैन, कौशल शंकर, घनश्याम सिंह, मनोज कुमार, धीरज सिंह, शिव जन्म प्रसाद, राजकुमार प्रसाद, आलमगीर शम्स, अजीत कुमार, अनिल कुमार, उपेंद्र कुमार, अविनाश चंद्रवंशी, अनुज कुमार, जमशेद आलम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अभिभावक एवं शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। मौके पर श्री आलम के पत्नी एवं उनके भाइयों को भी अंग वस्त्र देकर स्कूल प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान श्री आलम ने अंत में सबका अभिवादन स्वीकार करते हुए कहां के मलाठी के लोगों से हमारा विशिष्ट लगाओ हो गया था। उन्होंने कहा कि रिटायर होने के बाद भी मैं इस स्कूल एवं यहां के लोगों से समेशा संपर्क रखूंगा हमारी जब भी जरूरत पड़ेगी,तो मैं यहां दौड़ा चला आऊंगा। उन्होंने कहा कि मलाठी मेरी कर्म भूमि थी मगर इसे मै कभी नही भूल पाऊंगा। मौके पर स्कूली छात्रों ने विदाई गीत गाकर अपने चाहते शिक्षक को विदाई दी।

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