अपराध से बचाव के लिए सजगता जरूरी: कुलपति

भागलपुर।राजेश कुमार तिवारी ‘अपराध मनोविज्ञान: एक परिचय ‘ के लेखन के लिए बधाई के पात्र हैं।इसकी और कड़ियां लिखे जाने की जरूरत है जिससे लोगों में और जागरूकता फैले और साथ ही साथ विभाग के छात्रों को हर सप्ताह पुस्तक से संबंधित किसी एक विषय पर समीक्षा और असाइनमेंट कराने की जरूरत है जिससे उनमें अभी से सजगता और ज्ञान बना रहे।ये उद्गार ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजय कुमार चौधरी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में व्यक्त किये।वे भागलपुर के एक होटल में आयोजित बीते दिन आयोजित सीनेटर तथा टीएनबी कालेज के मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार तिवारी की पुस्तक के लोकार्पण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम की शुरुआत दरभंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ चौधरी, उप मेयर डॉ सलाउद्दीन, लेखक डॉ राजेश तिवारी की मां मीना तिवारी,एसएसभी कॉलेज कहलगांव के प्राचार्य डॉ मिहिर मोहन मिश्रा,साहित्यकार डॉ शिव शंकर सिंह पारिजात और पुस्तक के लेखक डॉ राजेश कुमार तिवारी के द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलन से हुई। संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन श्वेता पाठक ने तथा इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु खेतान ने किया।
इस मौके पर डॉ तिवारी की मां व साहित्यकार मीना तिवारी ने कहा कि आज एक प्यारा सपना पूरा हुआ और पुस्तक में राजेश ने अपने कानून और मनोविज्ञान के ज्ञान को एकीकृत करके बहुत ही सुंदर तरीके से पुस्तक का रूप दिया है।इस मौके पर स्वागत भाषण में डॉ तिवारी ने कहा कि उनके लिए यह लोकार्पण नहीं सामूहिक आशीर्वचन की आकांक्षा का कार्यक्रम है।
इस मौके पर विधि महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ धीरज, अधिवक्ता राजेश राय, सबौर कॉलेज के शिक्षक डॉ मनोज कुमार, बड़ी बहन और अधिवक्ता श्रीमती रूपम जी, एस एम कॉलेज के डॉ मिथिलेश कुमार तिवारी, ताडर कॉलेज के डॉ भगत, श्री हर्षवर्धन दीक्षित, श्री प्रकाश पाठक, श्री दीपक कुमार सिंह, डॉ वीरेंद्र कुमार मिश्रा, श्री पीयूष झा, श्री जयंत,श्रीमती अनुराधा खेतान,जिया और मिष्टी , प्रदीप भास्कर, अजीत चौबे, नंदकिशोर भारती, अभिषेक आदि शामिल थे।