अहिल्याबाई होलकर भारतीय सांस्कृतिक नवजागरण की एक पुरोधा विषय पर सेमिनार का आयोजन

जहानाबाद
देवी अहिल्याबाई होलकर की जन्म त्रिशताब्दी मनाये जाने के क्रम में एस.एस. कॉलेज, जहानाबाद के राज कुमारी सभागार में एनएसएस इकाई के तत्वावधान में देवी अहिल्याबाई होलकर: भारतीय सांस्कृतिक नवजागरण की एक पुरोधा ” विषयक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो० डॉ० कृष्णानंद ने देवी अहिल्याबाई होलकर को सादर नमन करते हुए उन्हें सात्विक विचारों वाली लौह महिला बताया, जिनके मन में महान भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति गहन लगाव था।इस अवसर पर एस.एन. सिन्हा कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य प्रो० उमाशंकर सिंह सुमन ने देवी अहिल्याबाई के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और गौरव को ऊंचाई प्रदान करने में उनकी प्रभावी भूमिका थी। उन्होंने आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित कर महिलाओं की आत्मनिर्भरता का पहला सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपनी सैन्य टुकड़ी में महिलाओं को समुचित प्रतिनिधित्व दिया था। एनएसएस इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो० प्रवीण दीपक ने कहा कि लोक माता और दार्शनिक महारानी की उपाधि से विभूषित देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन चरित्र हमारे समाज और विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रचंड श्रोत है। एस.एन. सिन्हा कॉलेज के प्रो० सुनील कुमार ने भी अपना विचार रखा। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० विनोद कुमार रॉय ने किया।

