मातृभाषा हिंदी संगठन द्वारा जहानाबाद के युवा कवि सुभाष शर्मा के संयोजन मे दो दिवसीय काशी कवि कुंभ का हुआ आयोजन


वाराणसी
वाराणसी के काशी सेवा समिति का हरित प्रांगण मालवीय सभागार मे गुंजित सनातन जयघोषों के मध्य पूरे भारत से सेंकडो कवि रचनाकारों ने किया काव्य पाठ कार्यक्रम के पहले दिवस का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि मानद सदस्य वाराणसी विकास प्राधिकरण श्री अम्बरीश सिंह भोला जी व विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता रितेश राय जी के संग मिलकर मालवीय सभागार के सभापति डॉ रामअवतार पांडे जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया तत्पश्चात मंचीय अध्यक्षता कर रहे संयोजक सुभाष शर्मा द्वारा अतिथि परिचय कराया गया व आयोजक लक्ष्मीकांत द्वारा अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र प्रदान कर किया गया मौके पर मुख्य अतिथि अम्बरीश सिंह भोला ने अयोजको को इस तरह के आयोजन हेतु धन्यवाद दिया व काशी मे साहित्य से अगले पीढी को जोड़ने हेतु काफी प्रसंशा किया मौजूद भाजपा वरिष्ठ नेता रितेश राय ने साहित्य की विशेषता बताते हुए युवा कवि सुभाष शर्मा को अगले एक मंच की अध्यक्षता करने का निमंत्रण प्रदान किया वरिष्ठ लेखक साहित्यकार डॉ रामअवतार पांडे ने भी साहित्य संब्ंधित एक बढ़कर एक ज्ञानवर्धक बातें बताई व अयोजको को बधाई दिया
कार्यक्रम मे बतौर अतिथि कवि अंतराष्ट्रीय हास्य कवि चकाचौंध ज्ञानपूरी व लोकप्रिय कवियत्री पूनम श्रीवास्तव ने अपनी कविता से लोगो का मन मोह लिया और खूब तालियां बजी
वही इस मौके पर मंच संचालन युवा कवि विकाश वर्धन मिश्र द्वारा बड़े बेहतरीन अंदाज मे किया गया
गौरतलब हो यह काशी कवि कुंभ अगले दिन भी जारी रहेगा और कल पुनः 125 कवि अपनी प्रस्तुति प्रदान करेगें यानी कुल 225 से अधिक रचनाकारों के द्वारा अपनी काव्य पाठ किया जायेगा कार्यक्रम दो दिवस का होगा और कुल पांच सत्र मे अलग अलग रचनाकार प्रस्तुति देंगे
कार्यक्रम के आयोजक व संयोजक सुभाष शर्मा और लक्ष्मीकांत ने बताया कि यह कार्यक्रम का उदेश्य साहित्य से युवाओ को जोड़ना है और साहित्य मे गिलहरी योगदान प्रदान करना है
कार्यक्रम मे आये कवियो के लिए शुद्ध लिट्टी चोखा के संग जलपान की भी व्यवस्था की गयी थी
वहीं कार्यक्रम के पहले दिवस की समाप्ति से पूर्व मातृभाषा हिंदी संगठन के संरक्षक निर्भय निर्वाण जी द्वारा लोगो का धन्यवाद ज्ञापन किया गया कार्यक्रम मे योगदान देने वालो मे सूर्य बिहारी,आर्यन मौर्य, जय सिंह राठौर, खुशी जी, आकांक्षा अनुभूति जी बाला जी, कवि हिमांशु सनातनी जी सहित अन्य लोगो की भूमिका रही