निशिकांत सिन्हा का कार्यक्रम हुआ फ्लॉप ,खाली रही कुर्सियांसमाज के लोग ही निशिकांत सिन्हा के खाली करते रहे जेबे


कुर्था (अरवल) गुरुवार को कुर्था प्रखंड मुख्यालय में कुशवाहा समाज के युवा नेता व उद्योगपति का आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों ने ही उनके कार्यक्रम को सुपर फ्लॉप कर दिया जानकारी के अनुसार निशिकांत सिन्हा के द्वारा कार्यक्रम को लेकर लाखों रुपए पानी की तरह बहाया गया लेकिन उनके चट्टे बट्टे के द्वारा उनके जेबे खाली करते रहें लेकिन धरातल पर माजरा कुछ और निकला हुआ यूं की कार्यक्रम की तैयारी को लेकर उनके कथित समर्थन विगत चार दिनों से कुर्था डाक बंगला परिसर में कैंप किए हुए थे और पैसे को पानी की तरह बहा रहे थे ताकि निशिकांत सिन्हा का कार्यक्रम बेहतर हो और आने वाले दिनों में पूरे बिहार का नेतृत्व करें लेकिन उनके ही समर्थक उन्हें दगा दे दिए और जिनके जेब में पैसे आए सारे पैसे वही स्थिर हो गए जिसके वजह से कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ो की संख्या में लगी कुर्सियां लोगों की आस में दिनभर खाली रही लेकिन एक भी लोग उन कुर्सियों पर बैठना मुनासिब नहीं समझे जानकारों की माने तो उक्त कार्यक्रम में लगभग 200 से 300 की संख्या में लोग पहुंचे हुए थे ऐसे में निशिकांत सिन्हा के चेहरे देखते ही बन रहा था हालांकि अंदर ही अंदर वह अपने समर्थकों से खासा नाराज दिखे लेकिन बिहार का नेतृत्व करने की मंशा लेकर कुर्था प्रखंड मुख्यालय से अपने कार्यक्रम का सांखानाद किए थे ऐसे में कुछ मुख से बोलना मुनासिब नहीं समझे लेकिन उनके समर्थक समझ गए कि आखिर उनके नेता इस तरीके से आक्रोशित क्यों है मामला चाहे जो भी हो लेकिन यह तय है कि उनके समर्थक ही उनको सिर्फ जेब खाली करते रहें और धरातल पर कुछ नहीं हुआ किसी ने बाइक में तेल डालने के नाम पर पैसे की उगाही की तो किसी ने चार पहिया वाहन में तेल डालने के नाम पर उगाही की तो किसी ने पत्रकारों को मैनेज करने के नाम पर भी पैसे की जमकर उगाही किया लेकिन इन सारे पैसे उन्हीं लोगों के जेब में पड़ी रही जिन्होंने इन सारे कार्यों का जिम्मा लिया था हालांकि लोग दबी जुबान से यह भी कह रहे हैं कि निशिकांत सिन्हा को उनके ही समर्थक ले डूबे अगर निशिकांत सिन्हा द्वारा कार्यक्रम को लेकर दिए गए सारे पैसे अगर धरातल पर उतरते तो गुरुवार के उनके आशीर्वाद सह संवाद यात्रा का माजरा ही कुछ और होता लेकिन शायद उनके समर्थकों को उनके बढ़ती लोकप्रियता अच्छी नहीं लगी और उन्होंने उनकी लोकप्रियता को ह्रास कर दिया जिस तरीके से दिनभर कार्यक्रम स्थल पर कुर्सी खाली रही इससे स्पष्ट होता है कि उनके समर्थकों ने उनकी लुटिया डूबा दी