छः दिवसीय उदय शंकर नृत्य शैली के प्रशिक्षण शिविर का समापन सोमवार को


गया।किलकारी बिहार बाल भवन गया में छः दिवसीय उदय शंकर नृत्य शैली के प्रशिक्षण शिविर का समापन सोमवार को हुआ है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक बच्चों ने भाग लिया, जिसमें नृत्य गुरु जितेंद्र चौरसिया और उनके सहायक विशाल कुमार ने प्रशिक्षण दिया है। इस मौके पर जितेंद्र चौरसिया ने उदय शंकर की नृत्य शैली पर विचार साझा करते हुए कहा कि नृत्य जीवन की एक महत्वपूर्ण कला है जो मन को रंग देती है। उन्होंने उदय शंकर को याद करते हुए कहा कि वे नृत्य और अन्य कलाओं के बीच एक सामंजस्य स्थापित करने में निपुण थे, जिसमें उन्होंने भारतीय और पश्चिमी नृत्य शैलियों का संयोजन किया गया है।इस समापन समारोह में बच्चों ने ओम नमः शिवाय पर एक नृत्य प्रस्तुत किया और साथ ही आधुनिक गीतों पर भी प्रदर्शन किया गया है। इस कार्यक्रम में मिथिला चित्रकला की प्रमुख हस्तियां , पद्मश्री शांति देवी और दुलारी देवी के अलावा कई अन्य राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कलाकार भी उपस्थित रहे हैं।