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संग्रहालय के संस्थापक सदस्य स्व रामवरण शर्मा के पुण्य तिथि पर आयोजित हुआ श्रद्धांजलि सभा


जहानाबाद
स्वामी सहजानंद सरस्वती संग्रहालय सह पुस्तकालय के सभागार में जाने माने विद्वान,समाजसेवी,किसान नेता,और सेवा निवृत्त प्रधानाध्यापक एवं पूर्व सचिव स्वामी सहजानंद सरस्वती संग्रहालय, जहानाबाद स्वर्गीय रामवरण शर्मा की द्वितीय पुण्यतिथि सह श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।इनका निधन करीब सौ वर्ष की अवस्था मे 29 सितम्बर 2023 को उनके पैतृक गांव ,डेढ़सैया में हो गया था।।इसकी अध्यक्षता संग्रहालय के कार्यकारी सचिव गिरिजा शर्मा ने की।सभा मे स्वर्गीय रामवरण शर्मा के कई लब्धप्रतिष्ठित शिष्यों ने भाग लिया।ज्ञात हो एक सफल और आदर्श शिक्षक और प्रधानाध्यापक के रूप में उन्होंने करीब 30 वर्षो तक उच्च विद्यालय  में बतौर शिक्षक और प्रधानाध्यापक काम किया।उनके कार्य के प्रति असाधारण निष्ठा और लगन ने उन्हें एक ख्यातिप्राप्त व्यक्तित्व के रूप जहानाबाद जिले में स्थापित किया।एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेकर भी पटना विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षण,सामाजिक ,राजनीतिक जीवन मे कई उल्लेखनीय कार्य किये।वो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से भी जुड़े रहे।वे जहां भी रहे पूरी निष्ठा और लगन से कार्य किये।आज की द्वितीय पुण्यतिथि में वक्ताओं ने विस्तार से उनके जीवन पर प्रकाश डाला।उनके सामाजिक ,शैक्षणिक और राजनीतिक योगदान की चर्चा की।आज के कार्यक्रम में अवकाश प्राप्त आईजी गिरिजनन्दन शर्मा,समाजसेवी राजकिशोर शर्मा, सेवानिवृत प्रोफेसर रामध्यान शर्मा,श्यामाकांत शर्मा,विजय शर्मा,सीपीआई माले के राज्य सचिव कॉमरेड रामाधार शर्मा,कॉमरेड सुरेश शर्मा,सुप्रीम कोर्ट के वकील आशुतोष कुमार,राजद नेता रमेश यादव, विंग्स फाउंडेशन स्कूल के संचालक संतोष कुमार, प्रोफेसर रविशंकर शर्मा ,सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण मुरारी, शिक्षक नेता बैजनाथ शर्मा  ,अजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार मदन शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने विस्तार उनके विराट ,सरल और सहज व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।उनके निधन से जहानाबाद के शैक्षणिक और सामाजिक जीवन मे एक शून्य उत्पन्न हुआ जिसकी भरपाई मुश्किल हैं। बिहार के पूर्व DGP   ध्रुवप्रसाद ओझा सहित न जाने  कितने शिष्यों ने उनके मार्गदर्शन में अपने जीवन में उच्चतम स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में उनके परिवार के सदस्य ग्रामीण भी भारी संख्या में उपस्थित रहे।उनके पौत्र और शिक्षक राकेश कुमार ,रजनीश कुमार,भतीजे राजीव कुमार ने इस आयोजन में महती भूमिका निभाई।अंत मे उनके  उनके जीवन पर एक पुस्तक ,जीवन संघर्ष का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अरुण कुमार ने किया। उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लेते हुए शांतिपाठ और मौन के कार्यक्रम की औपचारिक समाप्ति हुई।

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