राजभवन में राज्यपाल से मिला ‘जीवन धारा नमामी गंगे’ का प्रतिनिधिमंडल, गंगा संरक्षण पर हुई चर्चा


पटना
‘जीवन धारा नमामी गंगे’ के एक सप्त सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 26 अगस्त को राजभवन, पटना में बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार राज्य में चल रही नमामि गंगे योजनाओं के कार्यान्वयन और गंगा नदी के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करना था।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरिओम शर्मा ने किया। इस दौरान राज्यपाल ने गंगा संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और संगठन को उनके भावी कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रतिनिधिमंडल में ‘जीवन धारा नमामी गंगे’ के कई प्रमुख सदस्य शामिल थे, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह जी-5 के सदस्य और बिहार राज्य प्रभारी सत्येन्द्र कुमार पाठक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बिहार राज्याध्यक्ष डॉ. उषाकिरण श्रीवास्तव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अर्थ गंगा की अतिरिक्त निदेशक डॉ. दिव्या स्मृति, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ममता शर्मा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मोनिका अग्रवाल, और बिहार राज्य के महासचिव डॉ. रजनी प्रभा शामिल थीं।
बैठक के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को गंगा नदी की स्वच्छता, संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ‘जीवन धारा नमामी गंगे’ द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों, गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया। सत्येन्द्र कुमार पाठक ने इस अवसर पर राज्यपाल को मगध क्षेत्र की विरासत से संबंधित एक पुस्तक भी भेंट की। राज्यपाल ने ‘जीवन धारा नमामी गंगे’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गंगा नदी सिर्फ एक जलधारा नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और जीवन रेखा है। उन्होंने संगठन को गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण को बेहतर बनाने के अभियान में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मुलाकात से यह स्पष्ट होता है कि नमामि गंगे परियोजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों का सहयोग आवश्यक है। ‘जीवन धारा नमामी गंगे’ जैसे संगठन जन जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह बैठक न केवल गंगा संरक्षण के प्रयासों को गति देने का एक जरिया बनी, बल्कि इसने संगठन को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उच्च-स्तरीय समर्थन भी प्रदान किया। राज्यपाल से मिले प्रोत्साहन ने ‘जीवन धारा नमामी गंगे’ के सदस्यों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें अपने मिशन को और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
