मखदुमपुर मकरपूर के त्रिपूरारी शरण उर्फ टीपी शरण मुम्बई में कर रहे है संघर्ष , तारक मेहता के उल्टा चश्मा सहित दर्जनो सिरियल में कर रहे है काम


जहानाबाद
बिहार राज्य के जिला जहानाबाद, प्रखंड मखदुमपुर के छोटे से गाँव मकरपुर में जन्मे त्रिपुरारी शरण, एक सह-कलाकार हैं जिन्होंने अपने कठिन संघर्ष, मेहनत और जुनून के बल पर बॉलीवुड में कार्य कर रहे है।
इनके पिता श्री धर्मेन्द्र नारायण और माता श्रीमती शकुंतला देवी है। इनकी प्रारंभिक शिक्षा हाई स्कूल मखदुमपुर से हुआ। इसी दौरान गांव में आयोजित हुए दीपावली पूजन के नाटक में भाग लिया।लोगों ने इनकी अभिनय की प्रशंसा की। यही से इनका अभिनय की ओर रुझान हुआ। उन्होंने “यशी फिल्म एंड टेलीविज़न संस्थान” (पटना)से अभिनय का कोर्स पूरा किया। बचपन से ही उन्हें अभिनय में रुचि थी, लेकिन छोटे गाँव से बड़े सपनों तक का सफर आसान नहीं था।
अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए मुंबई पहुँचे — सपनों का शहर, लेकिन यहाँ हर सपना मेहनत और संघर्ष से ही पूरा होता है। हर दिन ऑडिशन देना, नई जगहों पर जाना, घंटों इंतजार करना — लेकिन जवाब नहीं मिलता था। न कोई हाँ, न कोई ना।
2013 से 2020 तक, उन्होंने एक नौकरी की ताकि अपना गुज़ारा कर सकें। लेकिन उनके अंदर का कलाकार कभी नहीं सोया। वो हर दिन, हर पल, अपने सपने को जीने की तैयारी करते रहे।
साल 2021 में, उनका संघर्ष रंग लाया। उन्हें कई टीवी सीरियल में सह-कलाकार के तौर पर काम मिलने लगा।
उनके द्वारा मुंबई बॉलीवुड में किए गए कार्य:–
तारक मेहता का उल्टा चश्मा — एपिसोड नं. 3920
ये रिश्ता क्या कहलाता है — एपिसोड नं. 1677
उड़ान सीरियल — 18 मार्च 2016
नकली फिल्म निर्माता (शॉर्ट फिल्म) — 22 अक्टूबर 2020
सिर्फ एक बंदा काफी है(वेबसरीज)—2023
इत्यादि
आज त्रिपुरारी शरण मुंबई में रहकर बतौर सह-कलाकार बॉलीवुड मुंबई में सक्रिय हैं। उनका सपना एक अच्छा कलाकार बनना है और अपने जिला अपने गाँव और अपने राज्य बिहार का नाम रोशन करना चाहते है— और इसमें वे निरंतर प्रयासरत हैं।
उनकी कहानी यह सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत ईमानदार हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।