श्रावणी मेले के सफल आयोजन हेतु चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक



जहानाबाद
श्रावणी मेले के अवसर पर बराबर पहाड़ी क्षेत्र, मंदिर प्रांगण, सतघरवा, हथियाबोर एवं पातालगंगा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज समाहरणालय स्थित ग्रामप्लेक्स सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने संयुक्त रूप से की। इस बैठक में सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र प्रसाद सहित सभी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सक, एएनएम तथा प्रतिनियुक्त मेडिकल टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी प्रतिनियुक्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक विवरण संकलित किया जाए तथा उसे समन्वय हेतु सुलभ रूप में सुरक्षित रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर समय से पूर्व उपस्थित हों, विशेषकर जिनकी प्रतिनियुक्ति पहाड़ी एवं मंदिर परिसर में है, वे पर्याप्त समय लेकर प्रस्थान करें। साथ ही, यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी कर्मी द्वारा ड्यूटी स्थल तब तक नहीं छोड़ा जाएगा जब तक कि उनका स्थान ग्रहण करने वाला अगला कर्मी मौके पर उपस्थित होकर विधिवत योगदान न दे दे। इस प्रक्रिया का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं समन्वित बनाए रखने हेतु प्रत्येक मेडिकल कैंप में कम-से-कम दो वार्ड ब्वॉय अथवा कार्यालय परिचारी की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया, जिनका कार्य बीमार अथवा असहाय श्रद्धालुओं को स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक सुरक्षित पहुंचाना होगा। प्रत्येक एम्बुलेंस पर एक पर्यवेक्षक की तैनाती की जाएगी जो चालक एवं मेडिकल टीम की तत्परता सुनिश्चित करेगा। सभी चिकित्सा कर्मियों को CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में ‘गोल्डन आवर’ के भीतर जीवनरक्षक सहायता प्रदान की जा सके। साथ ही, सभी मेडिकल कैंपों में आवश्यक औषधियों एवं चिकित्सीय उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अतिरिक्त मानव संसाधन की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया गया है।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि श्रद्धालुओं को त्वरित राहत उपलब्ध कराने हेतु कुल 6 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है, जिनमें बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) सुविधा युक्त एम्बुलेंस सम्मिलित हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें त्वरित रूप से चिकित्सा सहायता के लिए सक्रिय किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रतिनियुक्त कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए तथा जिन श्रद्धालुओं की शारीरिक स्थिति पहाड़ी चढ़ाई के अनुकूल न हो, उन्हें चिकित्सकीय सलाह देकर सुरक्षित रूप से नीचे ही रोका जाए। सभी टीमों को आपसी समन्वय एवं निरंतर संचार बनाए रखने का निर्देश भी दिया गया, जिससे आपात स्थितियों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।