राजद नेत्री आभा रानी ने कहा कि हमारे तेजस्वी यादव की जनहितकारी सोच का ही परिणाम है कि मुख्य मंत्री जी को पेन्शन राशि का बढ़ोतरी करना पडा


जहानाबाद
राजद नेत्री आभा रानी ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि श्री तेजस्वी यादव जी की जनहितकारी सोच और जमीनी मुद्दों को लेकर उठाई गई सशक्त आवाज़ों का असर अब साफ दिख रहा है। एनडीए की सरकार अब हमारी बातों की नकल करने पर मजबूर हो चुकी है।
आभा रानी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी जो सालों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन में कोई ठोस वृद्धि नहीं कर पाए, उन्हें भी अब तेजस्वी यादव की घोषणाओं और कार्यनीति के दबाव में आकर निर्णय लेना पड़ा। कभी रोजगार की बात पर, तो अब पेंशन के मुद्दे पर, NDA सरकार तेजस्वी यादव जी की सोच और हमारी नीति की छाया में चलने को मजबूर हो गई है।
आभा रानी ने याद दिलाया कि तेजस्वी यादव ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को ₹1500 प्रति माह किया जाएगा और महंगाई के अनुपात में समय-समय पर इसे समायोजित भी किया जाएगा। इस घोषणा के बाद जनता के बीच जबरदस्त उम्मीद और भरोसा जगा, जिसका सीधा असर नीतीश सरकार पर पड़ा। जिसके बाद मुख्यमंत्री जी को आखिरकार अपना अड़ियल रुख छोड़कर पेंशन बढ़ाने का ऐलान करना पड़ा, लेकिन उनका निर्णय ना पूरी संवेदनशीलता दिखाता है और ना ही दूरदर्शिता। जहां तेजस्वी जी ने ₹1500 का वादा किया, वहीं सरकार ₹1100 पर रुक गई, यानी उन्होंने आधा काम करके पूरा श्रेय लेने की कोशिश की।
आभा रानी ने कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति रिएक्टिव नहीं, प्रोग्रेसिव है। वो सिर्फ जवाब नहीं देते, वो विज़न दिखाते हैं। और यही कारण है कि एनडीए को कदम-कदम पर तेजस्वी जी की राह पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
आभा रानी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि आज जो भी राहत आपको मिल रही है, वह विपक्ष की ताकत, जनता के सवालों की गूंज और तेजस्वी यादव की सच्ची नेतृत्व क्षमता का नतीजा है। चुनाव होने दीजिए, जब हमारे पास सत्ता होगी, तब हर वादा योजना नहीं, ज़मीन पर सच्चाई बनेगा।