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माई -बहिन के साथ गांव-गांव चौपाल कार्यक्रम के तहत महादलित टोला में कार्यक्रम का आयोजन


जहानाबाद
            बिहार की महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आवाज़ को सीधे सत्ता तक पहुँचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “माई-बहिन के साथ गाँव-गाँव चौपाल” के तहत आज जहानाबाद विधानसभा के रतनी फरीदपुर प्रखंड के कसवां पंचायत स्थित सरता महादलित टोला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस चौपाल में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी समस्याओं और मुद्दों को खुलकर रखा, जिसने सरकारी दावों की जमीनी हकीकत को उजागर किया।

चौपाल में जुटी महिलाओं ने बताया कि गली-नली योजनाओं की बदहाली, जल-जमाव की परेशानी, और सड़कों की खराब हालत ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा है। कई महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रहने और शौचालय निर्माण न होने की शिकायत की। ‘हर घर नल का जल’ योजना भी गाँवों तक ठीक से नहीं पहुँच पाई है, और जहाँ नल लगे हैं, वहाँ पानी नहीं आता।

आवास योजना का लाभ न मिलने, राशन कार्ड न बन पाना और वृद्धा पेंशन की कम राशि जैसी समस्याओं को भी महिलाओं ने प्रमुखता से उठाया। गलियों में लाइट न लगने की वजह से अंधेरे की शिकायतें भी सामने आईं। कुछ महिलाओं ने आभा रानी को अपने घर आने का निमंत्रण देकर अपना स्नेह और विश्वास व्यक्त किया। इस दौरान कृषि, बागवानी और स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। चौपाल में कुछ पुरुषों ने भी अपनी समस्याओं को रखा।

उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए आभा रानी ने कहा, “आप अपनी बात उठाएं, क्योंकि बात कहने से ही बात आगे बढ़ती है। आपकी सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है और इन्हें आगे तक ले जाया जाएगा।” उन्होंने कहा कि अक्सर बड़े-बड़े मंचों से बिहार में सब कुछ ठीक होने का दावा किया जाता है, लेकिन गाँवों में अब भी बहुत से परेशानियां हैं।

आभा रानी ने महिलाओं को उनके वोट की शक्ति का एहसास दिलाते हुए कहा, “आपके वोट की कीमत भी उतनी ही है, जितनी पुरुषों के वोट की कीमत। तो आपका भी उतना ही विकास होना चाहिए, जितना पुरुषों का होता है। आप बढ़-चढ़कर घर और समाज चला रही हैं, लेकिन फिर भी विकास में कहीं न कहीं पीछे रह जाती हैं। इसी वजह से हम आपके बीच आए हैं ताकि आपकी समस्याओं को समझ सकें और उनका समाधान कैसे हो, यह तय कर सकें।” उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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