जहानाबाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता अलग अलग घटनाओं के कुल 6 वांटेड अपराधी गिरफ्तार


जहानाबाद
जहानाबाद जिले में बढ़ रहे आपराधिक गतिविधियों से परेशान जिलेवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। पुलिस ने अलग अलग मामलों में वांछित कुल 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह सभी अपराधियों ने बीते दिन शहर की विधि व्यवस्था को और पूरे पुलिस महकमे को तहस नहस कर रखा था।
गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता के जरिये दी। गिरफ्तार हुए आरोपियों में कोरमा गाँव मे हुए हर्ष फायरिग कांड के आरोपी बिमलेश कुमार को गिरफ्तार किया। आपको बता दें कि इस हर्ष फायरिंग में दो बच्चों को गोली लगी थी जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।
वहीं दूसरे आरोपी घोसी थाना क्षेत्र के अकला विघा गांव में आपसी विवाद में हुए मारपीट के दौरान हुए गोलीबारी घटना का आरोपी गुड्डू कुमार है, इस गोलीबारी घटना में एक व्यकि गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में अन्य आरोपीयों की गिरफ्तारी की कोशिश जारी है।
वहीं दूसरी ओर जहानाबाद पुलिस ने तीन अपराधियों को चोरी के सामान के साथ रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। जिनके खिलाफ राज्य के कई जिलों में केस दर्ज हैं।
आपको बता दें कि जहानाबाद पुलिस ने बीते 10 मई की सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंधरिया पुल के पास वाहन चेकिंग के दौरान टाटा इंडिका कार (BR01AV-1991) से चोरी की सामग्रियों के साथ तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों पर पटना, नालंदा और जहानाबाद जिलों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस द्वारा चंधरिया पुल के पास सुबह 6 बजे वाहन चेकिंग के दौरान धनरूआ की ओर से आ रही इंडिका कार को रोका गया। ऑनर बुक और कागजात की मांग करने पर गाड़ी में सवार युवक घबराने लगे। गाड़ी की तलाशी लेने पर डिक्की से दो जेनरेटर मोटर और एक बड़ा कटर बरामद किया गया। साथ ही तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पूछताछ और सत्यापन के पश्चात सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों में रुकनपुर निवासी रविकांत कुमार उर्फ छोटू शर्मा और मोनू कुमार
तथा सोनवा निवासी गौरव कुमार हैं।
इसके पास से फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई टाटा इंडिका कर, दो जेनरेटर मोटर, एक बड़ा कटर, तीन मोबाइल फोन बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों में रविकांत कुमार और मोनू कुमार पर जहानाबाद, पटना और नालंदा जिलों में चोरी, धोखाधड़ी और हथियार अधिनियम से संबंधित कई संगीन मामले दर्ज हैं। रविकांत पर कुल 8 मुकदमे और मोनू पर 2 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कई में वह फरार चल रहा था।