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जिला पदाधिकारी के जनता दरबार में प्राप्त हुए 46 आवेदन, समाधान हेतु तत्परता


जहानाबाद
आज समाहरणालय परिसर स्थित सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय के अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में किया गया। इस अवसर पर जिले के आम नागरिकों ने विभिन्न प्रकार की समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कराईं।

जनता दरबार में कुल 46 आवेदन/परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से भूमि विवाद, पेयजल समस्या, प्रधानमंत्री आवास योजना, बंदोबस्त, नल-जल सुविधा, जल जमाव, अनुदान राशि, आयुष्मान कार्ड निर्माण, भूमि-अर्जन, विद्युत आपूर्ति, वृद्धावस्था पेंशन, पारिवारिक विवाद, शौचालय निर्माण, राशन कार्ड सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विषय शामिल थे।

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक परिवाद का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध राहत मिल सके।

प्राप्त शिकायतों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। कुछ मामलों में तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के लिए दूरभाष के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामलों को विधिवत पंजीकृत किया गया है, जबकि अधिनियम से बाहर के मामलों में संबंधित पदाधिकारियों को शीघ्र निष्पादन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता श्री ब्रजेश कुमार, उप विकास आयुक्त श्री धनंजय कुमार, अपर समाहर्ता, विभागीय जांच श्री विनय कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र प्रसाद, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री धनंजय त्रिपाठी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रीमती वंदना कुमारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस श्रीमती रचना, सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग श्रीमती पूनम कुमारी, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई श्रीमती माला कुमारी, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्रीमती अनिता सिन्हा, वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती शिल्पी आनंद, निदेशक डीआरडीए श्री रोहित कुमार मिश्रा, निदेशक ,एन.ए.पी. श्री सूर्दशन कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
जहानाबाद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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