धर्मगुरुओं ने संभाली बाल विवाह की रोकथाम की कमान


जहानाबाद
जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्यरत संगठन तटवासी समाज न्यास ने बाल विवाहों की रोकथाम के लिए धर्मगुरुओं के बीच चलाया जागरूकता अभियान
-संगठन के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा, धर्मगुरुओं से मिला सहयोग व समर्थन अभिभूत करने वाला, इस अक्षय तृतीया जिले में नहीं होगा एक भी बाल विवाह
बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश में नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के जहानाबाद जिले में सहयोगी संगठन तटवासी समाज न्यास की ओर से अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम को देखते हुए बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को व्यापक सफलता मिली है और सभी धर्मगुरुओं ने इसकी सराहना करते हुए समर्थन का हाथ बढ़ाया है।
गौरतलब है कि जेआरसी 2030 तक देश से बाल विवाह खत्म करने के मकसद से ‘चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ कैम्पेन चला रहा है।
जेआरसी कानूनी हस्तक्षेपों के जरिए बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के 416 जिलों में जमीन पर काम कर रहे 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों का नेटवर्क है जिसने पिछले वर्षों में दो लाख से ज्यादा बाल विवाह रुकवाए हैं और पांच करोड़ से ज्यादा लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। इसके सहयोगी संगठन तटवासी समाज न्यास ने स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग व समन्वय से कानूनी हस्तक्षेपों और परिवारों एवं समुदायों को समझा-बुझा कर जिले में अभी तक 921 बाल विवाह रुकवाए हैं।
यह संगठन 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जेआरसी के संस्थापक भुवन ऋभु की किताब ‘व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन : टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज’ में सुझाई गई समग्र रणनीति पर अमल कर रहा है।
तटवासी समाज न्यास के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि अभी भी देश में बाल विवाह के खिलाफ जरूरी जागरूकता की कमी है।
इस मौके पर उपस्थित हिंदू समाज के धर्मगुरु पंडित मनोज मिश्रा एवं मौलवी कारि समीउल्लाह, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद राजा, मोहम्मद सराज उपस्थित हुए।
सभी धर्म गुरुओं ने अपने वक्तव्य में कहा कि हम सब बाल विवाह के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे।
साथ ही संस्था के सदस्य सफी अलम, नवीन कुमार और वैष्णवी केसरी उपस्थित रहे।