मनरेगा का नाम बदलना गरीबों के अधिकारों पर हमला : कांग्रेस


गांधी विरासत बचाने को जहानाबाद में जिला कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन
जहानाबाद।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमिटी, जहानाबाद की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामप्रवेश ठाकुर के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अरवल मोड़ पर जाकर संपन्न हुआ।
अरवल मोड़ पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलना केवल एक योजना का नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा और विरासत पर सीधा प्रहार है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस कदम के जरिए गरीब मजदूरों और किसानों के 100 दिन के रोजगार के संवैधानिक अधिकार को कमजोर करना चाहती है।
नेताओं ने बताया कि पूर्व में मनरेगा में केंद्र सरकार की भागीदारी 90 प्रतिशत थी, जबकि नए प्रावधान में इसे घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है और शेष 40 प्रतिशत भार राज्यों पर डाल दिया गया है। इससे न केवल राज्यों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सिमटेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा का नाम और स्वरूप पूर्ववत बहाल नहीं किया गया, तो पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस के प्रवक्ता प्रो. भूषण कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष प्रो. खलील अंसारी, कन्हाई शर्मा, बाशीमुलहक, रुस्तम अयूब अंसारी, दुर्गेश पांडेय, जयशंकर शर्मा, हेमंत शर्मा, चितरंजन सिंह, शिवशंकर सिंह, आबिद मजीद इराकी, सुनील कुमार सिंह, संतोष कुमार दास, पासुराम बिंद, दीपक कुमार, तबरेज आलम, गौरी शंकर यादव, सरवर सलीम, शायक आजम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
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✒️ कविता
जो मजदूर के हाथ से छीन ले रोटी,
वो नीति नहीं, अन्याय कहलाती।
गांधी के नाम से जिसने रोजगार जोड़ा,
उस विरासत पर चोट क्यों बरसाई जाती?
—
🌹 शायरी
नाम बदलने से हक़ बदल जाते नहीं,
सच दबाने से सवाल मिट जाते नहीं।
गरीब की आवाज़ जो दबाना चाहे,
वो सरकारें इतिहास से बच पाते
मनरेगा का नाम बदलना गरीबों के अधिकारों पर हमला : कांग्रेस
गांधी विरासत बचाने को जहानाबाद में जिला कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन
जहानाबाद।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमिटी, जहानाबाद की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामप्रवेश ठाकुर के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अरवल मोड़ पर जाकर संपन्न हुआ।
अरवल मोड़ पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलना केवल एक योजना का नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा और विरासत पर सीधा प्रहार है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस कदम के जरिए गरीब मजदूरों और किसानों के 100 दिन के रोजगार के संवैधानिक अधिकार को कमजोर करना चाहती है।
नेताओं ने बताया कि पूर्व में मनरेगा में केंद्र सरकार की भागीदारी 90 प्रतिशत थी, जबकि नए प्रावधान में इसे घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है और शेष 40 प्रतिशत भार राज्यों पर डाल दिया गया है। इससे न केवल राज्यों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सिमटेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा का नाम और स्वरूप पूर्ववत बहाल नहीं किया गया, तो पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस के प्रवक्ता प्रो. भूषण कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष प्रो. खलील अंसारी, कन्हाई शर्मा, बाशीमुलहक, रुस्तम अयूब अंसारी, दुर्गेश पांडेय, जयशंकर शर्मा, हेमंत शर्मा, चितरंजन सिंह, शिवशंकर सिंह, आबिद मजीद इराकी, सुनील कुमार सिंह, संतोष कुमार दास, पासुराम बिंद, दीपक कुमार, तबरेज आलम, गौरी शंकर यादव, सरवर सलीम, शायक आजम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
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✒️ कविता
जो मजदूर के हाथ से छीन ले रोटी,
वो नीति नहीं, अन्याय कहलाती।
गांधी के नाम से जिसने रोजगार जोड़ा,
उस विरासत पर चोट क्यों बरसाई जाती?
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🌹 शायरी
नाम बदलने से हक़ बदल जाते नहीं,
सच दबाने से सवाल मिट जाते नहीं।
गरीब की आवाज़ जो दबाना चाहे,
वो सरकारें इतिहास से बच पाते नहीं।
