गांधी मैदान में ज्ञान–संस्कृति का उत्सव


23 दिसंबर से सजेगा मगध पुस्तक मेला सह सांस्कृतिक महोत्सव
गया जी।
मगध की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। मगध पुस्तक मेला सह सांस्कृतिक महोत्सव 2025 का आयोजन 23 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक ऐतिहासिक गांधी मैदान, गयाजी में किया जाएगा।
गैलेंट इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस दस दिवसीय आयोजन की थीम “ज्ञान की संस्कृति: पुस्तक, परंपरा, प्रकृति” रखी गई है।
रविवार को गांधी मैदान में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजकों ने बताया कि यह मेला केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साहित्य, कला, लोकसंस्कृति और पर्यावरणीय चेतना का समग्र मंच बनेगा। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता डॉ. विजय कुमार करण ने की, जबकि संरक्षण सदस्य के रूप में डॉ. जावेद यूसुफ मौजूद रहे।
कार्यक्रम संयोजक विवेक कुमार, पदाधिकारी मनीष कुमार एवं समन्वयक ममता कुमारी ने आयोजन की रूपरेखा साझा की।
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पुस्तक–परंपरा–प्रकृति का संगम
नाटक, संगीत, साहित्य और बाल गतिविधियों की बहुरंगी छटा
महोत्सव का केंद्र बिंदु थीम पवेलियन होगा, जहां पुस्तक को परंपरा और प्रकृति से जोड़कर प्रस्तुत किया जाएगा।
“जी हाँ! ये पेड़ बोलते हैं!” नामक ड्रिफ्ट वुड प्रदर्शनी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी।
कार्यक्रम में “दशरथ मांझी”, “प्रस्ताव” और “बेटी बेचवा” जैसे नाटकों का मंचन, कथक नृत्य, लोक–सूफी–भक्ति संगीत, कवि सम्मेलन, बाल कार्यशालाएं और महिला सशक्तिकरण पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मेले में 40 से अधिक प्रकाशक, समाजसेवी संस्थाएं, आर्ट गैलरी और विविध स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन समिति ने आमजन से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
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✒️ कविता
ज्ञान की रोशनी जब दीप बने मैदान में,
शब्द उतरें जब संस्कृति की पहचान में।
पुस्तक बोले, परंपरा मुस्काए पास,
मगध फिर लिखे इतिहास अपने विश्वास में।
🌙 शायरी
किताबों से सजे जब शहर के हर मोड़,
संस्कृति कहे—यहीं है असली ठौर।
जो पढ़े, जो समझे, जो सोच को दे उड़ान,
वही बनाए आने वाले कल का निर्माण।