बाल विवाह मुक्त भारत को लेकर कुर्था पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च


रिपोर्ट, संजय सोनार
कुर्था (अरवल) स्थानीय थाने की पुलिस ने रविवार को कुर्था थानाध्यक्ष समीर कुमार के नेतृत्व में बाल विवाह मुक्त भारत को लेकर एक फ्लैग मार्च निकाला जो कुर्था गया मुख्य मार्ग होते हुए कुर्था बाजार से राणानगर गांव पहुँचा जहां बाल विवाह को लेकर पुलिस अधिकारियों ने लोगों के बीच जागरूकता फैलाते देखे गए बता दे की बाल विवाह मुक्त भारत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रीय अभियान जिसका है जिसका लक्ष्य देश से बाल विवाह की कुप्रथा को खत्म करना, बालिकाओं को सशक्त बनाना और ‘2047 तक विकसित भारत’ के विजन को साकार करना है, जिसमें नागरिक बाल विवाह को जड़ से समाप्त कर सकते हैं और जागरूकता होकर कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित हो इस संबंध में कुर्था थानाध्यक्ष समीर कुमार एस आई स्मिता उपाध्याय ने संयुक्त रूप से बताया कि जागरूकता का मुख्य बिंदु एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जो बाल विवाह को रोकने के लिए चलाए जा रहे हैं,इसका उद्देश्य
बाल विवाह की घटनाओं की रिपोर्टिंग आसान बनाना और बाल विवाह निषेध अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध कराना।
जागरूकता बढ़ाना और समुदायों को बाल विवाह के खिलाफ खड़ा करना।किशोरियों (किशोरों) को सशक्त बनाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कई अन्य मंत्रालयों व एनजीओ का संयुक्त प्रयास है। जिसका कानूनी आधार यह बाल विवाह निषेध अधिनियम, के तहत काम करता है, जिसके अनुसार 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के की शादी बाल विवाह मानी जाती है। यह एक केंद्रीकृत मंच है जहाँ नागरिक बाल विवाह की शिकायत दर्ज कर सकते हैं और बाल विवाह निषेध अधिकारियों की जानकारी पा सकते हैं, हेल्पलाइन नंबर (181, 1098, 100) का उपयोग कर सकते हैं। इस कार्यक्रम का लक्ष्य: वर्ष 2030 तक देश में बाल विवाह की व्यापकता को काफी कम करना और 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना है, जिसमें बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो। यह एक एकीकृत सरकारी और सामाजिक पहल है जो भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने और बच्चों के अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए काम कर रही है। इस मौके पर कुर्था थानाध्यक्ष के अलावे एस आई रूपेश कुमार, अमित कुमार, संजय कुमार, चौकीदार दफादार संघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार अकेला उर्फ द्वारा सिंह, चौकीदार उमा शंकर सिंह समेत कुर्था थाने के कई पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी शामिल थे।


