रघु सरोज कॉलेज के संस्थापक स्व0 रघुनंदन सिन्हा की दसवीं पुण्यतिथि पर भावुक हुए लोग


स्वर्गीय रघुनंदन सिन्हा जी जहानाबाद के एक ऐसे शख्सियत जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी जिनके मार्गदर्शन में असंख्य छात्र-छात्राओं ने सफलता की ऊंचाइयों को छुआ और आज देश और दुनिया में अपना एक अलग मुकाम बना रहे हैं कई बड़े-बड़े पदों को सुशोभित कर रहे हैं उनके गुजरे 10 वर्ष हो गए लेकिन आज भी उनकी यादें हम तमाम लोगों के बीच मौजूद है स्वर्गीय रघुनंदन सिन्हा जी की दसवीं पुण्यतिथि बड़े ही भावुक माहौल में रघु सरोज B.Ed कॉलेज में मनाया गया इस मौके पर उनके सुपुत्र निदेशक सतीश कुमार सिन्हा अध्यक्ष मुकेश कुमार व सचिव डॉ शम्भू शरण नरेश कुमार एवं कॉलेज के प्रिंसिपल सहित तमाम लोगों ने स्वर्गीय रघुनंदन सिन्हा जी के छाया चित्र पर फूलों का माला एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया एवं उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए कहा की रघुनंदन बाबू कोई मामूली हस्ती नहीं थे ईमानदारी मेहनत लगन उनकी मुख्य पूंजी थी वे अधिवक्ता भी थे लेकिन उन्हें यह प्रोफेशन रास नहीं आया और वह शिक्षा के क्षेत्र में कूद पड़े और बहुत सारे बच्चों को इन्होंने निशुल्क शिक्षा देकर उनको उनके मकाम तक पहुंचाया जहानाबाद को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में रघुनंदन बाबू ने बड़ी भूमिका अदा की आज वह हमारे बीच नहीं है लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा हम लोगों के साथ लोग बोलते बोलते भावुक हो उठे वक्ताओं ने रघुनंदन बाबू के व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अनुशासन पसंद और बहुत ही सरल थे सदियों में इस तरह के इंसान दुनिया में आते हैं और अपनी यादें छोड़ जाते हैं निश्चित तौर पर हमें कहना पड़ेगा की जिंदगी मौत की निशानी है खत्म होगी ये वो कहानी है कोई मिटता है बे निशा होकर कुछ की चारों तरफ निशानी उन्हें में से एक थे स्वर्गीय रघुनंदन सिन्हा उन्हें शत-शत नमन।।।