बिहार बंद के नाम पर भाजपा कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं- सुदय

जहानाबाद।
बिहार बंद के दौरान भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं के द्वारा आमलोगों के साथ दुर्व्यवहार एवं मारपीट किए जाने के खिलाफ महागठबंधन कार्यकताओं ने शुक्रवार को अरवल मोड़ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया। महागठबंधन कार्यकर्ता अम्बेदकर चौक से होते हुए अरवल मोड़ पहुंचे और पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। इस दौरान स्थानीय विधायक कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव ने कहा कि बंद को जनता का समर्थन नहीं मिला और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़को पर खुलेआम गुंडागर्दी की। इस दौरान बंद समर्थकों के द्वारा एक महिला शिक्षिका के साथ दुर्व्यवहार हीं नहीं किया बल्कि पुलिस-प्रशासन के समक्ष महिला शिक्षिका का दुप्पटा पकड़कर बीच सड़क पर खींचते नजर आए। उन्होंने कहा कि एक तरफ एनडीए कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री को गाली देने के आरोप में बिहार बंद किया वहीं बंद के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के अरवल मोड़ पर एक महिला शिक्षिका के दुर्व्यवहार कर यह साबित कर दिया कि भाजपा महिला विरोधी है। यहीं नही एक शहीद सीआरपीएफ के जवान के भाई के साथ बंद के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मारपीट किया। मारपीट में युवक बुरी तरह घायल हो गया। साथ हीं इमरजेंसी सेवा को भी रोका गया। उन्होंने कहा कि राजद जनता की आवाज को दबने नहीं देगी। बिहार में बोटर अधिकार यात्रा के दौरान आमालोगों के जनसैलाब देख भाजपा और एनडीए के रातों की नींद उड़ गई है। बौखलाहट में बिहार बंद के नाम पर गुंडागर्दी की गई। ऐसे लोगों को बिहार की जनता पहचान चुकी है। आने वाले विधानसभा चुनाव भाजपा और एनडीए का पत्ता साफ है। बिहार की जनता तेजस्वी यादव के रूप में बिहार का नया मुख्यमंत्री मान चुकी है। भाकपा माले विधायक रामबली सिंह यादव ने कहा कि जहानाबाद में भाजपा और एनडीए का बिहार बंद पूरी तरह विफल रहा है इससे नाराज कार्यकर्ताओं के द्वारा बंद के दौरान आमलोगों के साथ बदतमीजी की गई और जबरन आमलोगों को परेशान किया। विधायक ने कहा कि भाजपा और एनडीए समर्थित इस बंद का मकसद जनता के मुद्दों को दबाना था, लेकिन बिहार की जनता ने इसे पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा और एनडीए के पास अब जनता से जुड़ने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे हिंसा और अराजकता का सहारा ले रहे हैं। पुतला दहन में मखदुमपुर विधायक सतीश दास, जिप सदस्य आभा रानी, सोनू राधे, जिलाध्यक्ष महेश ठाकुर, प्रधान महासचिव परमहंस राय, प्रवक्ता डॉ शशिरंजन उर्फ पप्पू यादव, सांसद प्रतिनिधि धर्मपाल यादव, बैकुण्ठ यादव, मनोज यादव, युवा जिलाध्यक्ष पिन्टू उर्फ छोटू यादव, माले नेता कामरेड रामाधार सिंह, सीपीएम नेता कामरेड जगदीश यादव, कामरेड दिनेश प्रसाद, सीपीआई नेता कामरेड सुरेश, कामरेड अंबिका सिंह यादव, कांग्रेस नेता मो इश्तियाक अहमद, प्रोफेसर भूषण सिंह, कन्हैया शर्मा, महिला नेत्री सुमन सिद्धार्थ, अनीता देवी, गुड़िया देवी, मुंगेश्वर यादव, सुरेश यादव, पप्पू मल्लिक, सतीश यादव, शैलेश यादव, अनिल पासवान, उमेश कुमार यादवेन्दु, राजप्रेम यादव, रंजीत पासवान, अवधेश यादव, पवन चन्द्रवंशी, भोली यादव, अरमान मल्लिक सहित बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता शामिल हैं।