स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व० उपेन्द्र नाथ वर्मा जी की पुण्यतिथि पर राजकीय समारोह आयोजित


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झमनविगहा (मखदुमपुर)जहानाबाद
आज स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व० उपेन्द्र नाथ वर्मा जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पैतृक ग्राम झमनविगहा, मखदुमपुर में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर स्व० वर्मा जी के सुपुत्र श्री बागी कुमार वर्मा, माननीय विधान सभा सदस्य ,कुर्था,माननीय विधान सभा सदस्य , जहानाबाद श्री कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव, माननीय विधान सभा सदस्य घोषी, श्री रामबली सिंह यादव ,श्री सूबेदार दास ( पूर्व विधायक मखदुमपुर), जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे , ,जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री दिलीप कुशवाहा , अपर समाहर्ता श्री अनिल कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री राजीव रंजन सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने स्व० वर्मा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने कहा कि स्वर्गीय उपेन्द्र नाथ वर्मा जी सादगी और उच्च आदर्शों के प्रतीक थे। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए सदैव देश और समाज की सेवा की।
माननीय विधायक, जहानाबाद श्री सुदय यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व० वर्मा जी जन-जन की आवाज थे। उनकी लोकप्रियता, संघर्ष और योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उनकी पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने स्व० वर्मा जी के स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक उत्थान तथा राजनीतिक जीवन में किए गए महान योगदान को याद करते हुए कहा कि वे लोकनायक, समाजवादी एवं दलित-पिछड़ा वर्ग के सशक्त आवाज थे। उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
*संक्षिप्त जीवन परिचय : लोकरत्न उपेन्द्र नाथ वर्मा*
जन्म एवं शिक्षा : उपेन्द्र नाथ वर्मा जी का जन्म 23 अगस्त 1921 को जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड के ग्राम झमनविगहा में हुआ। इनके पिता का नाम रामबालक सिंह एवं माता का नाम राधा देवी था। प्रारंभिक शिक्षा गाँव के विद्यालय से प्राप्त कर इन्होंने गया जिला स्कूल से मैट्रिक, डी.जे. कॉलेज, मुंगेर से आई.ए., एच.डी. जैन कॉलेज, आरा से बी.ए. तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया।
*स्वतंत्रता संग्राम व समाजसेवा :* किशोरावस्था से ही वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े। वर्ष 1938 में उन्होंने नवयुवक संघ की स्थापना कर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। जीवन भर उन्होंने खादी पहनने का संकल्प लिया।
*राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान :*
हिन्द किसान पंचायत के माध्यम से किसानों के हक के लिए संघर्ष किया।
1953 में रंगून (बर्मा) में आयोजित एशियन सोशलिस्ट सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधि रहे।
सामंतवादी अत्याचारों के विरुद्ध आंदोलनों का नेतृत्व किया और भूमिहीनों को भूमि दिलाने का कार्य किया।
1977 में कर्पूरी ठाकुर के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री बने।
23 जुलाई 2009 में उन्हें राज्य किसान आयोग, बिहार का अध्यक्ष नामित किया गया और कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया।
*शैक्षणिक योगदान* : उनके प्रयासों से जहानाबाद जिले में 22 उच्च विद्यालय एवं 2 महाविद्यालय की स्थापना हुई। 1980 में उन्होंने “मूक आवाज” नामक पत्रिका का संपादन भी किया।
28 अगस्त 2011 को उनका निधन हुआ। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार पटना के बांस घाट पर किया गया। बिहार सरकार ने उनकी पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
लोकरत्न उपेन्द्र नाथ वर्मा जी समाजवादी विचारधारा के प्रखर पुरोधा, दलित-पिछड़ों के हितैषी एवं शिक्षा प्रसार के लिए समर्पित कर्मयोगी थे। उनका संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देता रहेगा।