शिक्षा के विकास के प्रति समर्पित रहे गणेश बाबू -डॉ अभिराम ।


जहानाबाद
शिक्षक नेता सह दरहेटा गांव निवासी गणेश कुमार को स्थानीय शास्त्री नगर स्थित पितृछाया परिसर में 13 वीं पुण्यतिथि पर समारोह आयोजित कर श्रद्धा से याद किया गया। इस अवसर पर प्रतिभा पल्लवन महाविद्यालय सह पीपीपी स्कूल के चेयरमैन एवं शिक्षाविद डॉक्टर अभिराम शर्मा ने कहा कि शिक्षा से ही समाज का सर्वांगीण विकास हो सकता है। चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी समाज को ऊंचाई दिलाने का काम शिक्षकों के कंधे पर रहा है। गणेश बाबू ने जीवन भर अपने बड़े भाई व दरहेटा लारी कॉलेज के संस्थापक सचिव रहे स्वर्गीय उभय चन्द्र उर्फ लाल बाबू के साथ मिलकर ग्रामीण शिक्षा के विकास के लिए समर्पित होकर काम किया। शिक्षाविद सह अंकुर पब्लिक स्कूल पटना के निदेशक डॉ संजय कुमार ने 13 में पुण्यतिथि के अवसर पर उदगार व्यक्त करते हुए कहा गणेश बाबू ने अपने साहित्यिक और शिक्षकीय दायित्व के द्वारा समाज को बार-बार झकझोरा । स्वर्गीय गणेश बाबू अपने पूरा जीवन शिक्षा एवं ग्रामीण परिवेश में रह रहे छात्र एवं छात्राओं के अंदर ज्ञान के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करने में लगा दी ।बक्ताओ ने यह भी कहा कि व्यक्ति अमरत्व को नहीं प्राप्त किया लेकिन उसके विचार जो समाज के रोशनी देता है हमेशा जीवित रहता है गणेश बाबू भी वही विचार के प्रकाश पुंज थे जिन्होंने ज्ञान के लिए लोगों को झकझोरा । सेवा निवृत्त प्रो शिवपूजन शर्मा, बिरेन्द्र शर्मा ने गणेश बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि वे पूरा जीवन दलितों पिछड़ों के बच्चों की शिक्षा के विकास के प्रति सजग रहे। वे यहां के शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके बताए गए राह पर चलने की जरूरत है । पूर्व मुखिया राम विनय शर्मा ने कवि हृदय गणेश बाबू की कविताओं की चर्चा की उन्होंने कहा कि उनकी कविताओं से आज भी समाज को ऊर्जा मिलती है। स्रोतस्वीनी जैसी रचनाओं के रचनाकर गणेश बाबू हमेशा लोगों के दिलों पर राज करते रहेंगे। इस अवसर पर समाजसेवी लव कुश शर्मा ने कहा कि गणेश बाबू जैसे लोग अपने कर्मों की बदौलत हमेशा जीवित रहते हैं। मौके पर प्रोफेसर श्याम किशोर शर्मा ने गणेश बाबू को मूल्यों के साथ जीने वाला कर्मठ व्यक्ति बताया। इस अवसर पर आगत अतिथियों को स्वागत करते हुए डॉ विजय कुमार व प्रिंसिपल डॉ नगेंद्र शर्मा ने कहा कि व्यक्ति अपने कर्मों से समाज में प्रतिष्ठा पाता है, जिसके लिए त्याग की भावना को हमेशा अपने अंदर जीवित रखना पड़ता है। समारोह को ,राजीव रंजन कुमार, मंटू कुमार ,सुभय शंकर , बिनोद शर्मा,प्रोफेसर सुबोध शर्मा, प्रोफेसर अरुण शर्मा , सेवानिवृत्त प्रिंसिपल चंद्रभूषण शर्मा, नंदलाल जी सहित सैकड़ों लोगों ने संबोधित किया। उपस्थित लोगों ने गणेश बाबू के तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।