संस्कृत सप्ताह के अवसर पर श्री स्वामी पराङ्कुशाचार्य आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में विविध कार्यक्रमों का आयोजन

हुलासगंज (जहानाबाद)
श्री स्वामी पराङ्कुशाचार्य आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हुलासगंज में दिनांक 02 अगस्त से 09 अगस्त 2025 तक संस्कृत सप्ताह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर महाविद्यालय में प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ० श्रीनिवास शर्मा ने उद्घाटन समारोह में अपने वक्तव्य में संस्कृत भाषा की महत्ता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि “संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार है। इसमें वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष एवं दर्शन के अपार भंडार निहित हैं।”
डॉ० रामानंद शर्मा ने संस्कृत की वैज्ञानिकता पर बल देते हुए बताया कि “संस्कृत न केवल भारत की, बल्कि विश्व की सबसे प्राचीन एवं व्यवस्थित भाषा है। अनेक विदेशी विश्वविद्यालयों में आज भी संस्कृत पर शोध कार्य हो रहे हैं।”
डॉ० सच्चिदानन्द ने संस्कृत के प्रति फैलाए जा रहे भ्रम को निराधार बताते हुए कहा कि “यह केवल पूजा-पाठ की भाषा नहीं है, बल्कि यह गणना, विज्ञान एवं खगोलशास्त्र की भी भाषा है। संस्कृत पंचांगों द्वारा हजारों वर्षों पूर्व किए गए ग्रहणों के समय आज भी नासा की गणनाओं से मेल खाते हैं।”
कार्यक्रम के अंतर्गत श्लोक पारायण, गीत-गायन, निबंध लेखन, वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों में भाग लेकर छात्र-छात्राएं संस्कृत के प्रति अपनी प्रतिभा एवं निष्ठा को प्रदर्शित कर रहे हैं।
प्रतियोगिताओं का संचालन महाविद्यालय के आचार्यगण — डॉ० गिरेन्द्र शर्मा, डॉ० सच्चिदानन्द, डॉ० लक्ष्मण शर्मा, डॉ० ईश्वरी दयाल सिंह, डॉ० आलोक पाण्डेय एवं डॉ० सृष्टि शर्मा द्वारा किया जा रहा है।
इस आयोजन के समन्वयक मुचकुन्द तिवारी ने बताया कि “संस्कृत सप्ताह छात्रों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इससे उनमें भाषा के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ेगी।”
कार्यक्रम के अंतिम दिन 09 अगस्त को प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा तथा समापन समारोह में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों एवं विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा।