देशबिहारराज्यलोकल न्यूज़

बुलडोजर राज खत्म करो,बे घर परिवारों को 5 डिसमिल जमीन और पक्का मकान दो ,परचाधारियों को जमीन पर कायमी अधिकार दो।


काको (जहानाबाद)
उक्त नारे के आलोक में काको प्रखंड मुख्यालय पर भाकपा माले व  खेत ग्रामीण मजदूर सभा के संयुक्त आह्वान पर धरना आयोजित था ।धरना की अध्यक्षता माले प्रखंड सचिव विनोद कुमार भारती कर रहे थे।
धारणा को संबोधित करने वालों में भाकपा माले जिला सचिव कॉ रामाधार सिंह ,राज्य कमेटी सदस्य व घोषि विधायक कामरेड रामबली सिंह यादव, खेत ग्रामीण मजदूर सभा के जिला सचिव प्रदीप कुमार, अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव शौकीन यादव , एपवा के जिला सचिव रेणु देवी ,माले  प्रखंड कमेटी सदस्य उदय पासवान, मिठू विश्वकर्मा, सतीश चौधरी ,अरविंद चौधरी ,भरत दास ,रामेश्वर मांझी ,अवधेश पंडित, अखिलेश बिंद आदि थे।
धरना में बड़ी संख्या में भूमिहीन गरीब महिला पुरुष उपस्थित थे ।धरना  की ओर से उक्त तारों के आलोक में पांच सूत्री मांग पत्र अंचल अधिकारी को सुपुर्द किया गया।
जिला सचिव रामाधार सिंह ने आतंकवाद के पीड़ितों की स्मृति और श्रद्धांजलि के अंतर्राष्ट्रीय दिवस( 21 अगस्त )को याद करते हुए उनको श्रद्धांजलि अर्पित किया उन्होंने मारे गए पुलवामा में शहीद सैनिकों से लेकर हाल ही में आतंकी हमले में मारे गए पहलगाम में मारे गए पर्यटकों को भी याद किया ।उन्होंने वर्तमान में जो विगत 10 सालों से देश के गदी पर भाजपा आसीन है जिसके राज्य में आतंकवाद फल फूल रहा है तथा उनके इशारे पर देश के गरीब गुरवे ,हरिजन, आदिवासी ,धार्मिक अल्पसंख्यक, अपना हक हिस्सा अधिकार की मांग करते हैं।






घरना को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा जिला प्रशासन कहने के लिए कहता है कि पहले हम उजाड़ने के पूर्व गरीबों को बसाएंगे ,परंतु व्यवहार उल्टा है जिला प्रशासन एक नहीं दर्जनों घरों पर बुलडोजर चला दिया है भेलावर  गांव में 70 ऐसे परिवार हैं जिनके पास रहने के लिए अपनी कोई जमीन नहीं है ,तुड़वाने के बाद महज 17 परिवार को ही अपने बादा से पीछे हटकर मात्र डेढ़ डिसमिल जमीन का पर्चा दिया ,17 महीना बीत जाने के बाद भी उक्त जमीन पर परचाधारियों को कायमी अधिकार नहीं मिला ,पक्का मकान तो दूर की बात है।
कड़ाके की ठंड और ओलावृष्टि के दौर में ही हाटी गांव के गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर बेघर कर दिया ।इस गांवों में  जिन  गरीबों को जमीन दिया गया वह भी मुर्दघटी की जमीन है ।गरीबों के घरों को तोड़ा गया लेकिन अमीरों के कब्जे में जो सरकारी जमीन है उसे छुआ भी नहीं गया।
बढ़ौना गांव में पंचायत सरकार भवन बनाने के नाम पर गरीबों को हटा दिया गया ।आज तक कही जमीन नहीं दी गई ।
पिंजोरा गांव जहां से 1942 के दंगा में मुस्लिम जमींदार भाग कर पाकिस्तान चले गए उनके लावारिस जमीन पर लगभग 89 परिवार बसे हुए हैं उन्हें आज तक उस जमीन का पर्चा नहीं दिया गया। काको प्रखंड में ही सुलेमानपुर से लेकर रतन बीघा ,बीबीपुर ,छोटकी मुरारी , चन्दोरा ,नरमा, सहित कई गांव में गरीब गुरवे गैरमजरुआ जमीन पर बसे हुए हैं जिन पर बुलडोजर राज्य का तलवार लटक रहा है।
दावा व  घोषणा चाहे जितना बड़ा हो जाए परंतु व्यवहार इससे कोसों दूर है ,जहानाबाद प्रखंड के अंजनी गांव में गरीब दलित को पर्चा मिले लगभग 5 दशक से अधिक वर्ष गुजर गए परंतु उन दलितों को उस जमीन पर कायमी अधिकार नहीं मिला, यही हाल मोदनगंज प्रखंड के सरिस्टाबाद गांव का है।
बिहार सरकार का घोषणा बेघर परिवारों को हम जमीन खरीद कर देंगे हुलासगंज प्रखंड के बीरा गांव को छोड़कर जिला में कोई दूसरा उदाहरण नहीं है।
मतदाता गहन पुनरीक्षण के दरमियान मकान संख्या शून्य  जिसमें एक-एक घर में सैकड़ो परिवार रहते हैं भारत के प्रधान चुनाव आयुक्त का कहना है की शून्य  घर संख्या वैसे लोगों को है जिनका अपना मकान नहीं है अगर इसी को सही मान लिया जाए तो भारत सरकार और बिहार सरकार को चाहिए कि जिनके घर संख्या शून्य हैं उन्हें मकान के लिए जमीन मिलना चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुएअखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा के जिला सचिव ने कहा जो जमीन सरकारी है जिस जमीन पर हम बसे हैं वह जमीन हमारी है हम जनता की एकता व संघर्ष के बल पर लड़कर इसे हासिल करेंगे ही।
धारणा को संबोधित करते हुए विधायक रामबली सिंह यादव ने कहा कि आहर पोखर पईन का चरित्र बदल गया है अब वह आवासीय भूमि में परिवर्तन हो गया है इस जमीन पर गरीबों को आवास के लिए पर्चा मिलना चाहिए ।उन्होंने कहा हमारी पार्टी भाकपा माले पूरे बिहार में प्रधानमंत्री आवास भूमि मुख्यमंत्री आवास भूमि एवं आय प्रमाण पत्र आदि के लिए आज से 6 माह पहले बड़ी संख्या में प्रखंड कार्यालय एवं जिला मुख्यालय में आवेदन दिया यह सारे आवेदन सरकार के कूड़ेदान में दफन हो गया है हम इन गरीबों की मांगों को सड़क से लेकर  संसद तक लड़कर इन्हें दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!