आओ चले शिव की ओर पुस्तक को आत्मसात करने पर दिया जोर.


अरवल, रविवार को सदर प्रखंड परिसर स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में स्थानीय शिव शिष्य परिवार के द्वारा शिव गुरु चर्चा का आयोजन किया गया. जिसमें स्थानीय लोगों के द्वारा शिव शिष्यता के संस्थापक इस कालखंड के महामानव साहब श्री हरीद्रानंद जी द्वारा लिखित पुस्तक आओ चले शिव की ओर को आत्मसात करने पर जोर दिया. इस अवसर पर उपस्थित शिव शिष्य परिवार को संबोधित करते हुए शिव कार्य समिति के अध्यक्ष विंदेश्वरी प्रसाद रूप सेठ जी ने कहा कि साहब श्री द्वारा लिखित पुस्तक आओ चले शिव की ओर में महादेव गुरु कैसे होंगे इस बात को सरलता के साथ लिखा है. इस पुस्तक का आत्मसात कर लेने मात्र से व्यक्ति के जीवन में शिव गुरु हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ही नहीं शिव शिष्य परिवार के लिए एक धार्मिक ग्रंथ से भी ज्यादा महान है. उन्होंने कहा कि साहब श्री द्वारा अनमिल आखर और आओ चले शिव की ओर सहित दो पुस्तक लिखी गई है. इसका शिव शिष्य परिवार को आत्मसात करने की जरूरत है. आओ चलो शिव की ओर पुस्तक में मुख्य रूप से साहब श्री के द्वारा शिव और तांत्रिक धाराएं, शिव के विभिन्न स्वरूप, शास्त्र और शक्ति की उपासना, शिव का गुरु पद, भारतीय संस्कृति में शिव दीक्षा एवं गुरु दक्षिणा, ज्योति लिंग शिवलिंग की पूजा, मानव एवं महागुरु महादेव, शिव की शिष्यता में दया, चर्चा और नमन, हमारे गुरु शिव और शिव की लोक प्रचलित स्तुतियां का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है.अवसर पर अजय भाई, अखिलेश भाई, रमेश लाल, चंद्रलेखा देवी, सुनीता देवी, उषा वर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे. (फोटो)