देशबिहारराज्यलोकल न्यूज़

या हुसैन या हुसैन के मातम के साथ ही अली नगर पाली में मोहर्रम का हुआ समापन।


पाली नगर काको (जहानाबाद)
जहानाबाद जिले के अलीनगर पाली में मोहर्रम रोज़-ए-आशूर अलविदाई मजलिस और नोहा का आयोजन किया गया। शब-ए-आशूर अलम,ताजिया और सिपर इमाम चौक पर बरामद हुआ और फिर लोगों ने सीना जनी किया। फिर अहले सुबह सभी तबरूकात गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए करबला पहुंचा।इमामबाड़े में आयोजित मजलिस को सैयद अलमदार हुसैन,डॉक्टर इरशाद हसन मासूमी ने मर्सिया पढ़कर कर्बला में शहीद हुए 72 के कुर्बानी को याद किया।
मोहर्रम न्याय बलिदान और वफादारी की घटनाओं को याद दिलाता है जो इतिहास के पन्नों में दर्ज है मोहर्रम के दिन सिर्फ हजरत इमाम को याद नहीं किया जाता बल्कि इस दिन हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास को भी याद किया जाता है। कर्बला के मैदान में इमामे हुसैन ने अपने जवान बेटे अली अकबर और 6 महीने के नौनिहाल अली असगर की भी कुर्बानी दी 1400 साल के बाद भी इमाम हुसैन की याद जिंदो जावेद है।

अलविदाई मजलिस के बाद सैयद जीशान काज़मी ने नोहा पेश किया और जुलूस शाम पांच बजे अली नगर पाली @स्थित करबला पहुंचा जहां मौलाना सैयद कल्बे हुसैन जाफरी के आखिरी संबोधन के बाद जुलूस का समापन हुआ। इस मौके पर सैयद सलमान हुसैन, सैयद मोहिब हुसैन,सैयद हामिद हुसैन,अली इमाम, सैयद मजहर इमाम, मुन्ना अकबरी,मुबारक हसन,सहित सैकड़ो अक़ीदत मंदों ने इस आयोजन में भाग लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!