सोन से अधिक पानी मिलने से लहलाएंगे बिहार के खेत-संतोष सुमन


*इंद्रपुरी बराज से जुड़े बिहार के 8 जिलों की नहरों में अब होगा पर्याप्त पानी
गया जी।हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने सोन नदी से अब बिहार को झारखंड से तीन गुना अधिक पानी मिलने का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे यहां के 8 जिलों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेंगे। इससे जहां खेत लहलाएंगे, वहीं किसानों में भी खुशहाली आएगी।
सुमन ने कहा कि अब हर साल सोन नदी से बिहार को झारखंड से तिगुना अधिक पानी मिलेगा। इससे बिहार के आठ जिलों पटना, जहानाबाद, अरवल, रोहतास, भोजपुर, कैमूर, बक्सर और औरंगाबाद के लाखों एकड़ जमीन में फसलें लहलहाएंगी। सोन नदी के पानी बंटवारे पर हुए समझौते के कारण बिहार और झारखंड के बीच 25 साल पुराने विवाद का भी समाधान हो गया है। विगत दिन रांची में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय अंतरराज्यीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मध्यस्थता में बिहार और झारखंड के बीच यह समझौता हुआ है। अब हर साल सोन नदी का 5.75 एमएएफ पानी बिहार को मिलेगा। बिहार को हर साल 57 लाख 50 हजार एकड़ में जमा एक फीट पानी के बराबर जल राशि सोन नदी के प्रवाह से मिलेगी। सुमन ने कहा कि 52 साल पुराने फॉर्मूले से यह समाधान निकला है। सोन नदी के जल बंटवारे का यह फैसला 1978 के बाणसागर समझौते के फार्मूले पर आधारित है। सासाराम में सोन पर बना इंद्रपुरी बराज दुनिया का चौथा सबसे लंबा बराज है। इससे बिहार के 8 जिलों में बनाई गई नहरों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होने से इन जिलों के लाखों किसान खुशहाल होंगे।