रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय को मिला स्थायी संबंधन


25 विषयों में प्रतिष्ठा स्तर पर मिली स्थायी स्वीकृति, छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय, जहानाबाद को बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा स्नातक स्तर पर स्थायी संबंधन प्रदान किया गया है। यह संबंधन शैक्षणिक सत्र 2025-29 से प्रभावी होगा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू हो रहे चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को मजबूत आधार प्रदान करेगा। इस निर्णय के तहत महाविद्यालय को कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के प्रतिष्ठा स्तर पर कुल 25 विषयों में पढ़ाई की स्थायी स्वीकृति प्राप्त हुई है। इससे न केवल विद्यार्थियों को डिग्री की वैधानिकता मिलेगी, बल्कि संस्थान को यूजीसी और राज्य सरकार की योजनाओं से वित्तीय सहायता भी प्राप्त हो सकेगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी वर्षों की मेहनत और विद्यार्थियों के प्रति हमारी निष्ठा की स्वीकृति है। हम अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध एवं नवाचार की दिशा में और तेजी से काम करेंगे।स्थायी संबंधन मिलने से महाविद्यालय अब उच्च शिक्षा संस्थानों के शोध, अनुदान और अकादमिक नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेगा। साथ ही छात्रों को भी देशभर में स्नातक डिग्री की मान्यता और बेहतर प्लेसमेंट तथा उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे। महाविद्यालय के सचिव श्री चन्द्र प्रकाश ने स्थायी संबंधन को ‘ऐतिहासिक निर्णय’ बताते हुए कहा कि हम बिहार सरकार, शिक्षा विभाग और मगध विश्वविद्यालय का आभार प्रकट करते हैं। यह हमारे शैक्षणिक वातावरण, संसाधनों और समर्पित टीम की मेहनत का परिणाम है। स्थायी सम्बन्धन मिलने पर हर्ष व्यक्त करने वालों में प्रो संजीव कुमार, प्रो. विनय शंकर पाठक, डॉ. अवधेश प्रसाद, प्रो. शिवराम प्रसाद, डॉ. उमेश कुमार, प्रो. अनिल कुमार, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. रामप्रीत प्रसाद, डॉ. आर. के. चौधरी, प्रो. अवधेश सिंह, डॉ. बी. एन. यादव, प्रो. एम. एन. प्रसाद, प्रो. राघवेंद्र कुमार, प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. बीना कुमारी, प्रो. विनोद कुमार ,ललित शंकर पाठक, डॉक्टर अजय कुमार, डॉ अजीत यादव, विजय प्रकाश, साधुशरण प्रसाद, कौलेश्वर यादव, बबलू शर्मा, रवि कुमार , योगेंद्र यादव,सुनील कुमार
समेत महाविद्यालय के पूर्व एवं वर्तमान शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों ने प्रबंधन और विश्व विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और छात्रों में भी इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है। यह संबंधन न केवल महाविद्यालय के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।