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“प्रणव कुमार का राष्ट्रीय जनता दल में शामिल होना  नई सियासत का ऐलान!


✍️ सैय्यद आसिफ इमाम काकवी,

आज का दिन सिर्फ़ एक राजनीतिक दल की सदस्यता का नहीं, बल्कि सियासत की दिशा बदलने का दिन है। पटना में जब तेजस्वी यादव ने सुपर 30 के संयोजक, गरीबों के मसीहा और इंसानियत के प्रतीक प्रणव कुमार को RJD परिवार में शामिल किया — तो मानो बिहार की राजनीति में एक नया सूरज उगा। ये सिर्फ सदस्यता नहीं है, यह एक संकल्प है। संकल्प उस राजनीति को ज़िंदा करने का जो वंचितों की आवाज़ हो। संकल्प उस नेतृत्व को चुनने का जो चुनाव के बाद नहीं, हर दिन जनता के साथ खड़ा हो।
संकल्प उस बदलाव का, जो जात-पात नहीं, शिक्षा और सेवा की बुनियाद पर खड़ा हो। प्रणव कुमार, जिनकी पहचान है बिना भेदभाव इंसानियत की सेवा”, जिन्होंने Super 30 के माध्यम से बिहार के सैकड़ों ग़रीब बच्चों को आईआईटी जैसी बुलंदियों तक पहुँचाया, आज RJD में शामिल होकर जनता को ये संदेश दे रहे हैं कि अब नेतृत्व पढ़ा-लिखा, संवेदनशील और ज़मीन से जुड़ा होगा। जब बिहार  विकास की राह से भटक चुका है, जब वहां की सियासत वोट और वादा तक सिमट चुकी है तब प्रणव सर उम्मीद का वो दीपक बनकर उभरे हैं, जो अंधेरों में रौशनी बिखेर रहा है। वे जनसेवक नहीं, जननायक हैं — जो न सत्ता की भूख रखते हैं, न प्रचार की प्यास; उन्हें चाहिए तो बस जनता की भलाई और बच्चों का उज्जवल भविष्य। RJD में उनका आना केवल पार्टी की ताक़त नहीं बढ़ाता, बल्कि गरीब, वंचित और छात्र समुदाय की आवाज़ को सीधा विधानसभा तक पहुंचाने की तैयारी है। तेजस्वी यादव और RJD को प्रणव सर जैसे सिपाही मिले, और बिहार को एक ऐसा चेहरा, जिस पर विश्वास किया जा सके।
2025 में बिहार बोलेगा  काम चाहिए, नाम नहीं सेवा चाहिए, तमाशा नहीं
और नेता चाहिए प्रणव कुमार जैसा!”

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