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मगही साहित्य के सुप्रसिद्ध कवि अलगना   निवासी रामविनय शर्मा विनय नहीं रहे।


जहानाबाद

जहानाबाद जिला साहित्य जगत के नामचीन कवियों में से एक थे।उनके देहावसान से जहानाबाद का साहित्यिक क्षेत्र सूना हो गया।
       वे एक सरकारी शिक्षक थे।शिक्षक पद से अवकाश प्राप्त कर सारा समय उन्होंने मगही साहित्य के उन्नयन में लगाया।खेत-खलिहान, किसान-मजदूर के प्रति गहरी संवेदना रखने वाले स्मृति शेष रामविनय शर्मा विनय को जहानाबाद एवं उनके साहित्यिक विरादरी के लोग कभी नहीं भूला पायेंगे।किसान पर मगही में रचित उनकी कविता की ख्याति पूरे बिहार में रही है।तरन्नुम में जब वे झूमकर कविता पाठ करते,तो सुनने वाले उनकी काव्य धारा में बहने लगते थे।रेडियो स्टेशन, पटना से उनकी कविताओं को उन्हीं के सुमधुर कंठ से सुनने का अवसर बहुतों को मिला होगा।आज जहानाबाद के साहित्यकार उनके निधन से मर्माहत हैं।जहानाबाद के साहित्यकारों ने अपना अभिभावक खो दिया।जहानाबाद के सभी साहित्यकारों ने एक स्वर से उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।उनके प्रति गहरी संवेदना प्रकट करने वालों कवि प्रो.रविशंकर शर्मा,प्रो उमाशंकर सिंह सुमन,शिक्षक अनिल कुमार, चितरंजन कुमार चैनपुरा,विश्वजीत अलवेला,अरविंद कुमार आंजाश ,रामजीवन पासवान, अरविंद चौधरी,नागरिक विकास मंच के पदाधिकारी डा एस.के सुनील,वीरेन्द्र कुमार सिंह, संतोष श्रीवास्तव समेत अन्य कई गणमान्य साहित्यकार शामिल हैं।

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