मेहंदिया पुल निर्माण को लेकर जिलाधिकारी की पहल लाई रंग, जल्द शुरू होगा कार्य


जर्जर पुल से निजात मिलने की उम्मीद में ग्रामीणों में खुशी की लहर
अरवल: वर्षों से जर्जर हालत में पड़े कलेर प्रखंड अंतर्गत मेहंदिया पुल के पुनर्निर्माण की राह अब आसान हो गई है। जिला पदाधिकारी कुमार गौरव की पहल से पुल निर्माण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। इसके लिए प्रशासन द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग पुल के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। अब पहली बार ठोस कार्रवाई हुई है, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि मेहंदिया स्थित यह पुल वर्षों से बेहद खराब स्थिति में था। बरसात के समय पुल से होकर गुजरना लोगों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता था। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को खास तौर पर भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस पुल के जरिए आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क कलेर प्रखंड मुख्यालय और अन्य इलाकों से होता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस पुल की मरम्मत व निर्माण की मांग की थी, लेकिन यह मामला वर्षों तक अनसुना ही बना रहा। बिदित हो कि मुख्य सचिव के साथ जब जिला पदाधिकारी कुमार गौरव जयपुर गांव के दौरे पर पहुंचे थे तो ग्रामीणों ने उन्हें आवेदन सौंपा और पुल की दयनीय स्थिति से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने जिला पदाधिकारी को तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया था जिसे गंभीरता जिला पदाधिकारी ने प्रस्ताव भेजा और कम समय में उक्त जर्जर पुल का निविदा निकालकर कई वर्षों की समस्या से लोगों को निजात दिलाया
अपने वादे पर अमल करते हुए डीएम कुमार गौरव ने पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर लगभग 7 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से उक्त जर्जर पुल का निर्माण पथ निर्माण विभाग द्वारा कराने की निविदा प्रकाशित कर दी गई है अब उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा और लोग राहत की सांस ले सकेंगे।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी की सक्रियता और संवेदनशीलता की सराहना की है। ग्रामीण उदय शर्मा, मृत्युंजय कुमार, प्रेम प्रकाश समेत दर्जनों लोगों का कहना है कि वर्षों से जो काम नहीं हो सका, उसे डीएम ने कुछ ही हफ्तों में आगे बढ़ा दिया। इस फैसले से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
जिलाधिकारी कुमार गौरव की इस पहल को जनता एक ऐतिहासिक निर्णय मान रही है और उम्मीद जता रही है कि इसी तरह अन्य जर्जर संरचनाओं पर भी प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा।