मेडिकल कॉलेज स्थानांतरण के विरोध में उग्र विरोध, शांतिपूर्ण बंदी में दिखा जनआक्रोश


हुलासगंज (जहानाबाद)
हुलासगंज से प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को जिला मुख्यालय में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में हुलासगंज बाजार पूरी तरह बंद रहा। स्थानीय नागरिकों की अपील पर आयोजित इस बंदी को व्यापारियों और आम जनता ने व्यापक समर्थन दिया। दिन भर बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं और आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
बंद के दौरान कुछ समय के लिए सड़क मार्ग अवरुद्ध कर यातायात व्यवस्था ठप कर दी गई थी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने लोगों को समझाकर जाम हटवाया, जिसके बाद यातायात पुनः सामान्य हो पाया। हालांकि बाजार का बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
जनता का आरोप: साज़िश के तहत हुलासगंज से छीना गया मेडिकल कॉलेज
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हुलासगंज को विकास की मुख्यधारा से वंचित करने की पूर्वनियोजित साज़िश के तहत ही मेडिकल कॉलेज को यहां से हटाकर जिला मुख्यालय में स्थानांतरित किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी पर खासकर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए जमकर आक्रोश व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान जहानाबाद जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी और इसकी स्थापना हुलासगंज में किए जाने की घोषणा भी की गई थी। लेकिन हाल के दिनों में सरकार द्वारा इसे हटा कर जिला मुख्यालय ले जाने की सूचना ने स्थानीय जनता में असंतोष फैला दिया।
बंद के दौरान पुलिस प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि क्षेत्र में अपरिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी गई। बंदी को लेकर जनता का व्यवहार शांतिपूर्ण रहा।
सामाजिक कार्यकर्ता मणिभूषण शर्मा समेत इलाके के कई गणमान्य नागरिकों ने इस बंद में सक्रिय भागीदारी निभाई। आम जनता, दुकानदारों, युवाओं और महिलाओं ने भी विकास के नाम पर हो रहे कथित पक्षपात के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की।
हुलासगंज से मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित किए जाने को लेकर जनता का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।