कानू विकास संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कानू का बयान: मतदाता सूची में सुधार के नाम पर जनता को वंचित करने की साजिश


जहानाबाद
कानू विकास संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कानू ने जहानाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची सुधार अभियान पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह चुनाव आयोग का सम्मान करते हैं, लेकिन इस वक्त मतदाता सूची में सुधार का निर्णय जनता के साथ अन्याय है।
अजय कानू ने कहा कि लोकसभा चुनाव को बीते कुछ ही महीने हुए हैं, उस समय भी यही मतदाता थे। तब कोई व्यापक सुधार नहीं किया गया, अब अचानक इतने कम समय में सुधार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि चुनाव नजदीक हैं और महज एक महीने का वक्त दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कई ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो आम जनता के पास मौजूद नहीं हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
इस मौके पर अजय कानू ने ‘इंडिया गठबंधन’ द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का समर्थन करते हुए कहा कि वे खुद अति पिछड़ा वर्ग के नेता हैं और इस मुद्दे पर पूरी मजबूती से जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के समक्ष उन्होंने दलितों और पिछड़ों से जुड़ी पांच सूत्री मांग भी रखी है।
अजय कानू ने कहा कि आज जहानाबाद समेत बिहार के कई जिलों में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। उन्होंने खुद को इस आंदोलन का हिस्सा बताया, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय वे किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं, पर महा बंटी पार्टी की विचारधारा से वे अब भी सहमत हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर जनता के हित में समय बढ़ाने और प्रक्रिया सरल करने की जरूरत है।